अपमान का बदला

यह हैं महान वामपंथी पत्रकार मृणाल पांडे. ये कांग्रेस के मनमोहन शासनकाल में दूरदर्शन/ प्रसार भारती की प्रमुख थीं. कल इन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी के जन्मदिवस पर चित्र में प्रदर्शित विवादित ट्वीट किया. इसे मोदी जी के अपमान की संज्ञा दी जा रही है. अपमान की इस बात पर मुझे एक पुरानी घटना याद आ रही है. महान लोग अपमान का बदला कैसे लेते है, हम सबको यह जानना चाहिए.

आज से करीब 19 साल पहले शायद 1998 की बात है जब रतन टाटा अपनी पहली पैसेंजर हैचबैक कार इंडिका लेकर आए थे. भारत के अलावा यूरोप अफ्रीका और दूसरे देशों में अपनी पहुंच बनाने वाली इंडिका का लॉन्च कुछ समय बाद ही बुरी तरह फेल हो गया था. पहले साल ही लोगों ने कार को पसंद नहीं किया. कार की बिक्री भी नहीं हो रही थी तब कुछ लोगों ने रतन टाटा को कार डिवीजन बेचने की सलाह दी थी.

रतन टाटा ने ये सलाह मान ली और फिर कुछ कंपनियों से संपर्क किया. उस दौरान अमेरिकी कंपनी फोर्ड ने रुचि दिखाई और फोर्ड के अधिकारी टाटा के हेडऑफिस मुंबई पहुंचे. पहले दौर की बातचीत के बाद रतन टाटा को फोर्ड के हेडऑफिस डेट्रॉयट बुलाया गया.

टाटा ग्रुप के चेयरमैन रतन टाटा कंपनी के दूसरे सदस्यों के साथ बातचीत के लिए पहुंचे. करीब तीन घंटे तक बात हुई लेकिन उस दौरान फोर्ड का रवैया रतन टाटा के साथ अपमानजनक था. लंबी बातचीत के दौरान फोर्ड कंपनी के चेयरमैन बिल फोर्ड ने रतन टाटा से कहा था कि “जब आपको पैसेंजर कार के बारे में कुछ पता ही नहीं था तो बिजनेस शुरू क्यों कर दिया. हम इसे खरीदकर आप पर एहसान ही करेंगे….”

उसी शाम रतन टाटा अपनी टीम के साथ डेट्रॉयट से न्यूयॉर्क लौट आए. 90 मिनट की उड़ान में रतन टाटा उदास रहे और मन ही मन एक प्रण लिया. इस घटना के कुछ साल बाद साल 2009 में जब फोर्ड दिवालिया होने के कगार पर पहुंच गई तब टाटा ने फोर्ड का लग्जरी ब्रैंड जगुआर-लैंडरोवर खरीदने का फैसला किया.

जो रतन टाटा कभी अपनी कार डिवीजन बेचने के लिए फोर्ड के दरवाजे पहुंचे थे, वह अब फोर्ड का सब्स मशहूर ब्रांड खरीदने जा रहे थे. अपमान के करीब 11 साल बाद फोर्ड के अधिकारी टाटा के मुंबई दफ्तर पर माथा टेक रहे थे. 92 अरब रुपए की डील हुई और तब फोर्ड के चेयरमैन बिल फोर्ड ने रतन टाटा से कहा था कि जेएलआर खऱीदकर आप हम पर बहुत बड़ा एहसान कर रहे हैं.

11 साल पहले हुए अपमान और 11 साल बाद उस अपमान के बदले की ये कहानी रतन टाटा के बेहद करीबी रहे प्रवीण काडले ने एक पुरस्कार समारोह के दौरान सुनाई थी और कहा था कि “आम लोग अपमान का बदला फौरन ले लेते हैं, पर महान लोग उसे अपनी जीत का जरिया बना लेते हैं”.

तो याद रखना वामियों, कांगियों मोदी जी अपने अपमान का बदला भी जबरदस्त तरीके से लेंगे. सिर्फ समय का इंतज़ार करो !!!

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