इनकम टैक्स का ई-असेसमेंट : भ्रष्टाचारी व्यवस्था को ख़त्म करने की प्रभावकारी पहल

राबर्ट वाड्रा जेल नहीं गए. मोदी जी ने चुनाव पूर्व किये वायदे नहीं निभाए. करप्शन करने वालों पर अब तक सख्त एक्शन नहीं हुआ. लेकिन मैं निराश नहीं हूँ. कुछ दिनों पहले मोदी जी ने चार्टर्ड एकाउंटेंट्स को सम्बोधित किया था, इसी तरह उन्होंने इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के ऑफिशियल्स को भी सम्बोधित किया था और करप्शन कम करने के लिए ई-असेसमेंट पर जोर दिया था.

ई-असेसमेंट जहाँ इनकम टैक्स आफिसर को इनकम टैक्स पेयी व्यक्ति या कंपनी के कागजात ऑनलाइन मिलेंगे. जनरली कंपनियों, व्यापारियों को इनकम टैक्स रिटर्न भरने के बाद अक्सर डिपार्टमेंट द्वारा स्क्रूटिनी का सामना करना पड़ता है. जिसमें इनकम टैक्स अधिकारी उन्हें नोटिस भेजता है. अपने दफ्तर बुलाता है. और फिर आप समझ सकते हैं क्या होता होगा. सरकार को एडिशनल टैक्स रेवेन्यू तो नहीं मिलता, पर किसी कंपनी, व्यापारी की जेब हलकी, तो किसी अधिकारी की गरम हो जाती है.

प्रधानमंत्री की अपील के बाद इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने एक पायलट प्रोजेक्ट 10 शहरों में शुरू किया है. जहाँ असली डिजिटल इंडिया का रूप सामने आएगा. एक अधिकारी को कुछ केस एसेसमेंट के लिए मिलेंगे जिन्हे वो स्टडी करके नोटिस भेजेगा. जिस कंपनी को नोटिस पहुंचेगा, उसे मालूम नहीं होगा कि किस अधिकारी ने भेजा है. वो अधिकारी पूरे देश में कहीं भी हो सकता है. उसका नाम पता नोटिस में नहीं होगा.

कंपनी अपने जवाब ऑनलाइन सबमिट करेगी. अधिकारी को आगे किसी और इनफार्मेशन की जरूरत होगी तो फिर ऑनलाइन डिमांड होगी, ऑनलाइन रिप्लाई जायेगा. और पूरे प्रकरण में अधिकारी बदलते रहेंगे. आमने सामने की मीटिंग ख़त्म. कंपनी / व्यापारी का बहुमूल्य समय बचेगा. करप्शन का स्कोप खत्म होगा, और सरकार का टैक्स रेवेन्यू बढ़ेगा.

मोदी सरकार के पास दो रास्ते थे. या तो वो करप्ट लोगों को गिरफ्तार करती, मुकदमे चलाती. तालियां और वोट बटोरती, लेकिन उससे करप्शन खत्म नहीं होता. करप्शन की जड़ 70 साल में पल्लवित हुआ सिस्टम है, जिसे बदलने की जरूरत है.

और सिस्टम बदलेगा, तकलीफ होगी. गालियां मिलेंगी, क्योंकि नयी इमारत बनने से पहले पुरानी ढहती है. नयी नींव खुदती है. लोग आँखें पसारे महल देखने की कोशिश करते हैं, लेकिन वहां सिर्फ खुदाई, तोड़फोड़ दिखती है.

नतीजा… जो आज निराशा हम देख रहे हैं, लेकिन मैं निराश नहीं हूँ.

कल ही सरकार ने बताया कि आधार कार्ड को लिंक करके सब्सिडी में व्याप्त करप्शन में 65000 करोड़ बचाये गए हैं. ये नए भारत की शुरुआत है. ये डिजिटल इंडिया की शुरुआत है. इनकम टैक्स का ई-असेसमेंट दिखने में छोटी पहल है, लेकिन असर बड़ा होगा, बहुत बड़ा.

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