रोहिंग्या मुसलमान गुण्डों को उनकी औकात बताने वाला संत

1947 से 2012, लगातार 65 वर्षों तक जारी रहे रोहिंग्या मुसलमान गुण्डों, हत्यारों, बलात्कारियों, लुटेरों के नृशंस अत्याचार के खिलाफ 2012 में एक 44 वर्षीय शांतिप्रिय बौद्ध भिक्षु अशिम विराथू के धैर्य का बांध तब टूट गया था जब एक बौद्ध धर्मावलम्बी महिला का अपहरण करके रोहिंग्या मुसलमान गुण्डों, हत्यारों ने उसके साथ सामूहिक बलात्कार करने के बाद उसकी हत्या कर दी थी.

तब अशिम विराथू ने सार्वजनिक ऐलान कर के म्यांमार की जनता से कहा था कि… “आप कितने भी शांतिप्रिय क्यों ना हो, लेकिन पागल कुत्तों के साथ आप नहीं सो सकते, खतरे की घण्टी बज चुकी है, अगर खुद को बचाना है, तो बर्मा से रोहिंग्यों को जड़ से खत्म करना होगा.”

अशिम विराथू के इस ऐलान के साथ ही बर्मा जल उठा था. उस घटना ने आग में घी का काम किया, विराथू के भाषणों से इस आग की लपट तब भारत के आजाद मैदान तक आयी थी.

2012 में रोहिंग्या मुसलमान गुण्डों, हत्यारों, बलात्कारियों के खिलाफ बौद्धों ने हथियार उठा लिए थे. उनके क्रोधावेश के ज्वालामुखी म्यांमार के हर चप्पे पर फूटने लगे थे.

बौद्ध भिक्षु अशिम विराथू के नेतृत्व में म्यांमार के बौद्धों ने ढूंढ-ढूंढकर, चुन-चुनकर रोहिंग्यों का कत्ले-आम सुरु कर दिया, ना बच्चे बख्शे, ना बूढ़े, और ना ही औरतें और उनके हर एक धार्मिक स्थान भी ढहा दिए.

नतीजा यह निकला कि म्यांमार में चल रहे रोहिंग्या मुसलमान गुण्डों, हत्यारों के आतंक का शत प्रतिशत खात्मा एक बौद्ध भिक्षु ने केवल 5 वर्षों में कर के दिखा दिया. 49 वर्षीय अशिम विराथू को आज केवल म्यांमार में नहीं बल्कि पूरी दुनिया के बौद्ध धर्मावलम्बी एक देवदूत के रूप में देख रहे हैं.

यही कारण है कि रोहिंग्या मुसलमानों के मानवाधिकार का ढोल पीटते हुए म्यांमार पहुंची संयुक्त राष्ट्र की दूत यांग ली को अशिम विराथू ने बाकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर के जब कुतिया और वेश्या कह के म्यांमार से भगाया तब संयुक्त राष्ट्र ने चुप्पी साध ली. क्योंकि वो भी समझ गया था कि रोहिंग्या मुसलमान गुण्डों के चक्कर में जापान, चीन, कोरिया सरीखे ताकतवर लगभग दो दर्जन बौद्ध धर्मावलम्बी देशों से बयाना लेना महंगा पड़ सकता है.

अशिम विराथू आज दुनिया के सर्वाधिक चर्चित चेहरों में से एक बन चुके हैं. अशिम विराथू ने एक साहसिक शुरुआत कर के इस्लामिक आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक अंतिम लड़ाई का रोडमैप दुनिया के सामने प्रस्तुत कर दिया है. इसका परिणाम क्या होगा, इसकी प्रतीक्षा उत्सुकता से पूरा विश्व कर रहा है.

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