ट्रांसपोर्ट क्रांति भाग-1

भारत में एक क्रांति दबे पांव हो रही है. रात्रि कालीन Overnight Bus सेवा धीरे-धीरे ट्रेन का न सिर्फ मुक़ाबला कर रही है बल्कि उसे पछाड़ रही है. और ये संभव हुआ है अच्छी सड़कों के कारण. पिछले सालों में जो 4 Lane, 6 lane सड़कें और Express Ways बने हैं, उन पर रात में Air Conditioned Sleeper Coaches चल रही हैं. बहुत से routes पर ये, उसी route पर चलने वाली सबसे तेज़ सुपरफास्ट ट्रेन से भी तेज़ चल रही हैं.

उदाहरण के तौर पर दिल्ली से लखनऊ की सबसे तेज़ ट्रेन कम से कम 9 घंटे लेती है जबकि इसी लखनऊ दिल्ली रूट पर express way से आने वाली बसें सिर्फ 6 घंटे में दिल्ली उतार रही हैं. इसी तरह दिल्ली जम्मू, दिल्ली अमृतसर सेवा भी ट्रेन से मुकाबला कर रही है. इसके अलावा एक और नया अनुभव मुझे पिछले दिनों हुआ.

मैंने दिल्ली से जालंधर के लिए स्लीपर कोच पकड़ी. 3 दिन पहले ही सीट बुक करा ली थी, इसके बावजूद पीछे वाली सीट मिली. पूर्व के अनुभव ये थे कि पिछली सीट की यात्रा बहुत झटकेदार होती है. कई बार तो बस उठा के पटक ही देती है… पर उस दिन पूरी यात्रा में पता ही नहीं चला कि घर में सो रहे हैं या बस में…

ये बदलाव आया है बस के एयर सस्पेंशन से… अच्छी चिकनी सड़क हो और अगर बस में एयर सस्पेंशन हो तो यात्रा बेहद सुखद और आरामदायक हो जाती है. इसलिए टिकट बुक कराते समय एयर सस्पेंशन वाली बस खोज के बुक कीजिये. ये बसें तीन किस्म की सीटों का विकल्प देती हैं. साधारण सीट, सेमी-स्लीपर सीट और स्लीपर सीट.

अटल जी की एनडीए सरकार ने स्वर्णिम चतुर्भुज (Golden Quadrilateral) सड़क बनानी शुरू की थी. कागज़ पर वो योजना आज के Express way से भी बेहतर प्लान की गई थी. अभी योजना पर निर्माण कार्य शुरू ही हुआ था कि सरकार चली गयी और सोनिया गांधी के नेतृत्व वाली मनमोहन सिंह की यूपीए आ गयी और उनके राज में योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई.

इसका नमूना आपको देखना हो तो वाराणसी इलाहाबाद रूट पर देख सकते हैं. इलाहाबाद से वाराणसी आने वाली लेन अटल जी के राज में बनी और उस पर आप 140 की स्पीड से कार दौड़ा सकते हैं. वहीं वाराणसी से इलाहाबाद जाने वाली लेन सरदार जी ने बनाई, उसपे 60 की स्पीड पर चलने में भी खतरा है.

ऐसे में अब मोदी सरकार में नितिन गडकरी बेहद उच्च गुणवत्ता की सड़कें बना रहे हैं. लगभग सभी राष्ट्रीय राजमार्ग 4 lane किये जा रहे हैं, शहरों कस्बों में बायपास या एलिवेटेड रोड बन रहे हैं. जो पहले से 4 lane थे उन्हें 6 lane करने का प्रस्ताव है. गडकरी ने तमाम State Highways को राष्ट्रीय राजमार्ग में तब्दील कर दिया है और उनका चौड़ीकरण हो रहा है.

ऐसे में अगले 5 साल में हर रूट पर बस सेवा, ट्रेन को पछाड़ देगी. पर पिछले दिनों ऐसी ही एक बस सेवा में मुझे बहुत कड़वा अनुभव भी हुआ.

भीलवाड़ा से दिल्ली आते हुए राजस्थान की सबसे प्रतिष्ठित श्रीनाथ बस सेवा में सीट बुक करायी. सारे रास्ते ये अनुभव हुआ कि ये दरअसल बस सेवा नहीं बल्कि ट्रक सेवा है जो व्यापारिक सामान के साथ सवारी भी लाद लेती है. तकरीबन हर शहर में उन्होंने घंटा भर बस रोक के सामान-लादा उतारा.

छोटे-छोटे गांव-कस्बों से सवारी उठाने के लिए राजमार्ग छोड़ अंदर गए… दिल्ली पहुंच के तो गज़ब कर दिया… सवारी से भरी बस ले के पहले रोशन आरा रोड गए. वहां घंटे भर में सामान उतारा, फिर सवारी उतारने कश्मीरी गेट आये. रात 8 बजे भीलवाड़ा से चले, 12 बजे दिल्ली उतरे. ये हाल है राजस्थान की सबसे प्रतिष्ठित बस सेवा का.

पर इतना तय है कि आने वाले समय में लोक परिवहन (Public Transport) बेहद तेज़, सुगम और आरामदायक होने वाला है.

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