सस्ते पेट्रोल को महंगा बेचना आर्थिक आतंकवाद : कांग्रेस

नई दिल्ली. हर रोज़ बदलती पेट्रोल की कीमतों से हैरान-परेशान लोगों की परेशानी उस वक़्त और बढ़ गई जब आज मुंबई में पेट्रोल की कीमत 80 रुपए तक पहुंच गई. गौरतलब है कि कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट के बावजूद देश में पेट्रोल की कीमतें बढ़ रही हैं. इस पर कांग्रेस ने केंद्र पर आक्रामक होते हुए इसे आर्थिक आतंकवाद की उपमा दे डाली.

पेट्रोल के दाम को लेकर अब केंद्र सरकार भी परेशान दिख रही है. केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने तो पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर लगभग हथियार डाल दिए हैं. अब वे कीमतों को काबू में लाने के लिए जीएसटी को ही एकमात्र उपाय बता रहे हैं.

पेट्रोल डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर कांग्रेस ने पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को आड़े हाथों लिया है. कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा कि, “पेट्रोलियम मंत्री आम जनता तो गुमराह कर रहे हैं”.

पूर्व केंद्रीय मंत्री तिवारी ने कहा, “प्रधान खुद नहीं पता कि पेट्रोल की कीमतों को कैसे काबू किया जाए. क्रूड ऑयल के दाम 50 फीसद से ज़्यादा गिर गए, फिर भी तेल की कीमतें ज़्यादा क्यों हैं. क्या ये आर्थिक आतंकवाद नहीं है”.

वहीं प्रधान का कहना है कि, “हम चाहते हैं कि पेट्रोलियम को जीएसटी के अंतर्गत लाया जाए. राज्य सरकारों से भी वित्तमंत्री इस बारे में कह चुके हैं. यदि जीएसटी के तहत इसे लाया जाता है तो कीमतों का पूर्वानुमान किया जा सकता है”.

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री ने कहा, “अभी टैक्सेस के कारण मुंबई और दिल्ली में पेट्रोल की कीमतों में बड़ा अंतर होता है. हमने जीएसटी काउंसिल से मांग की है कि पेट्रोलियम को भी जीएसटी के तहत लाया जाए. यदि ऐसा होता है तो आम जनता तो सहूलियत होगी”.

उल्लेखनीय है कि मोदी सरकार के आने के बाद से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम 53 फीसदी तक कम हो गए हैं, लेकिन पेट्रोल डीजल के दाम घटने की बजाय बेतहाशा बढ़ गए हैं. इसके पीछे असली वजह यह है कि तीन सालों के दौरान सरकार ने पेट्रोल, डीज़ल पर एक्साइज़ ड्यूटी कई गुना बढ़ा दी है. मोटे अनुमान के अनुसार पेट्रोल पर ड्यूटी 10 रुपये लीटर से बढ़कर करीब 22 रुपये हो गई है.

ये जानना भी दिलचस्प होगा कि नरेंद्र मोदी ने साल 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को बड़ा मुद्दा बनाया था और यूपीए सरकार को इस पर जमकर घेरा था. इसके बाद जब पीएम मोदी ने 26 मई को पीएम पद की शपथ ली तो दिल्ली में पेट्रोल 71.41 रुपये प्रति लीटर डीजल 56.71 रुपये प्रति लीटर था.

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