तीनों सेना प्रमुखों और रक्षा सचिव के साथ रोजाना बैठक करेंगी रक्षा मंत्री

नई दिल्ली. रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने तीनों सेना प्रमुखों और रक्षा सचिव के साथ अलग-अलग सुबह की रोजाना बैठक शुरू करने का नियम बनाया है. इसके साथ ही काम-काज निश्चित समय सीमा में जल्द निपटाने के लिए पाक्षिक रूप से डीएसी बैठक करने का फैसला लिया गया.

निर्मला सीतारमण ने रक्षा मंत्रालय की गतिविधियों और काम-काज के तरीकों से परिचित होने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कई बैठके कीं और निर्णायक मुद्दों पर सीधे निर्देश भी दिए. रक्षा मंत्री ने अधिग्रहण प्रस्तावों की गति तेज करने की जरूरत पर विशेष बल दिया. काम-काज निश्चित समय सीमा में जल्द निपटाने के लिए पाक्षिक रूप से डीएसी बैठक करने का फैसला लिया गया.

रक्षा तैयारियों और रणनीतिक हितों से जुड़े मसलों की समीक्षा के लिए तीनों सेना प्रमुखों के साथ कई बैठकें निश्चित की गई हैं. नई व्यवस्था के अनुसार किसी मसले पर जल्द फैसला लेने के लिए तीनों सेना प्रमुखों और रक्षा सचिव के साथ अलग-अलग सुबह की रोजाना बैठक शुरू करने का नियम बनाया गया है.

संरचना से जुड़ी परियोजनाओं के लिए जमीन से संबंधित मसलों और रक्षाकर्मियों एवं उनके परिवारों से संबंधित मुद्दों के समाधान पर भी जोर दिया जाएगा.

उल्लेखनीय है कि निर्मला सीतारमण ने गुरुवार 7 सितम्बर को रक्षामंत्री के तौर पर पदभार संभाला था. पद संभालने के तुरंत बाद ही सक्रिय होते हुए उन्होंने अपने पहले फैसले के तौर पर रक्षा मंत्री एक्स-सर्विसमेन फंड (आरएमईडब्ल्यूएफ) से वित्तीय सहायता को मंजूरी दी. उन्होंने 8685 पूर्व सैनिकों, विधवाओं और आश्रित सैनिकों के लिए आर्म्ड फोर्सेज फ्लैग डे फंड से 13 करोड़ रुपये से अधिक का अनुदान जारी किया.

रक्षा मंत्री ने पणजी में ‘नविका सागर परिक्रमा’ अभियान को हरी झंडी दिखाई. पोत के जरिए विश्व की परिक्रमा करने वाले इस महत्वपूर्ण अभियान का प्रबंधन भारतीय नौसेना के जिन क्रू-सदस्यों के हाथ में है, चालक दल में सभी महिलाएं हैं. निर्मला सीतारमण ने महिला क्रू-सदस्यों को सैल्यूट भी किया. इस मौके पर उनके साथ पूर्व रक्षा मंत्री और गोवा क सीएम मनोहर पर्रिकर भी थे.

रक्षा मंत्री का कार्यभार संभालने के बाद वो भारत-पाक सीमा के नजदीक उत्तरलाई वायु सेना स्टेशन पहुंची. रक्षा मंत्री के उत्तरलाई पहुंचते ही जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया. वहीं उन्होंने पहली बार मिग 21 बाइसन के कॉकपिट में बैठकर इस फाइटर जेट की ताकत को समझा.

उत्तरलाई-राजस्थान में वायु सेना स्टेशन में वायु सेना के कर्मियों के साथ बातचीत भी की. रक्षा मंत्री ने वायु सेना स्टेशन पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल का जायजा भी लिया. निर्मला सीतारमण 16 साल बाद इस सेंसेटिव एयरबेस पर जाने वाली पहली डिफेंस मिनिस्टर हैं. उनसे पहले साल 2001 में जॉर्ज फर्नाडीस ने इस एयरबेस का दौरा किया था.

स्रोत : pib.nic.in

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