सत्तर साल से चले आ रहे मिथक को तोड़ते मोदी

(1) किसी जमाने में जो क्रेज़ मनी प्लांट का था आजकल फेंगशुई की वजह से उससे भी ज्यादा क्रेज़ और मारामारी क्रसुला(Crassula) के पौधे के लिये है. इस प्लांट के बारे में फेंगशुई में ये बात प्लांट कर दी गई है कि ये पौधा पैसों को खींचता है . 2-3 साल पहले ये पौधा 15-20 रुपये में मिल जाता था ..आजकल कोई भी माली इसके लिये 700-800 रुपये के नीचे बात नहीं करता और अगर गमले में लगा, जमा हुआ पौधा हो तो 1500 से 2000 तक. ये सब बातें सिर्फ एक मिथक है इससे ज्यादा कुछ नहीं.

मनी प्लाण्ट के बारे में भी कहा जाता है कि इसको चुरा कर लगाओ तो ये पैसा देगा और जिसके घर में पौधा हरा-भरा, लम्बी बेल हो गई उसके यहाँ फिर पैसों की कमी नहीं होगी.

आज से तीन चार साल पहले तक मेरे यहाँ भी सारे पौधे शानदार थे लेकिन सिर्फ मनी प्लांट ही बार बार खराब हो जाता था. 4 गमलो में लगा हुआ था. उस समय मेरी इन्कम भी भरपूर हो रही थी. इतना टाइम भी नहीं मिलता था कि कभी पौधों पर ध्यान दूँ ..मास्टरी है मेरी गार्डनिंग में.

सुबह जल्दी भागना, रात को लेट आना, संडे को भी घर पर रहना नसीब नहीं होता था. फिर अचानक काम थोड़ा डाउन हुआ. वो स्थिति आजतक बनी हुई है. फिर मुझे टाइम मिलने लगा. सुबह लेट जाना, संडे भी घर पर, जब मर्जी तब छुट्टी कर लेना. मेरा गार्डनिंग का शौक भी परवान चढ़ा. मनी प्लांट की क्लास लगाई सबसे पहले.

गोबर की खाद वाले गमलो में लगाया. टाइम टू टाइम खाद, कैल्शियम देना शुरू किया. पानी कितना और कब डालना है ..ये भी शेड्यूल किया. तबसे मनी प्लांट इतना बेहतरीन हो गया है कि देखने वाले जल-भून जाते हैं.

जब मनी प्लांट खस्ता हाल था तब मैं आज से 150% ज्यादा कमाता था .. आज सिर्फ मनी प्लांट ही खिला हुआ है मैं नही. तो ये सिर्फ एक मिथक है कि मनी प्लांट का पैसों से कोई लेना देना है. वो सिर्फ एक शो प्लांट है .. उसे वही रहने दीजिये.

(2) अमरूद के बारे में एक मिथक है कि सर्दियों में आपने अमरूद खाये तो ये आपको कफ कर देगा. आपकी नाक बहने लगेगी, कफ की वजह से खाँसी भी हो जायेगी. इसलिये बहुत से घरों में बुजुर्गो और बच्चों को सर्दियों में अमरूद खाने नहीं दिया जाता जबकि ये सर्दियों का ही मौसमी फल है. असल बात तो ये है कि अमरूद का ये गुण है, खासियत है कि अमरूद फेफड़ों, छाती में जमा पुराने से पुराने कफ को बाहर निकालता है इसलिये अमरूद खाते ही जो कफ या सर्दी हो जाती है वो अमरूद खाने की वजह से नहीं, अमरूद की कफ पर सर्जीकल स्ट्राइक की वजह से होती है इसलिये भरपूर सभी मौसमी फल खाईये. कोई फल नुकसान नहीं करता.

(3) तीसरा और पॉप्यूलर मिथ आजकल ये है कि मोदी सरकार आने के बाद से देश में असहिष्णुता, अल्पसंख्यकों पर अपराध के मामले बढ़ गये हैं. जगह से जगह से कुकुरमुत्तों की तरह देश के खिलाफ भौंकने वाले पैदा हो रहे है. तो भैया ये देशद्रोह का कफ तो पिछले सत्तर साल से देश के फेफड़ों में फँसा हुआ है. तीन साल पहले जो देश को अमरूद खिलाने का काम हमने किया है .. ये उसी का नतीजा है. ये विपक्षियों की ड्रामाबाजी भी सिर्फ एक मिथक है .. इससे ज्यादा कुछ नहीं.

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