मानों हिन्दू समुदाय है देश की सारी समस्याओं की जड़!

पुलिस अधिकारियों से, तनाव भड़काने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हिंदू युवा वाहिनी के जिला अध्यक्ष आशुतोष सिंह आशु

हमारे वाराणसी से 10 किलोमीटर दूर एक गाँव है धौरहरा. परसों से इस गाँव में psc और भारी पुलिस बल तैनात है. पूरे गाँव में तनाव का माहौल है. कई हिंदूवादी संगठन के नेता यहाँ पहुचे हुए थे कल तक… लेकिन शायद आपको इस छोटी मोटी घटना के बारे में पता नहीं होगा क्योंकि देश का मीडिया कल से गुरुग्राम के रेयान स्कूल के प्रद्युम्न हत्या काण्ड और बाबा राम रहीम की रासलीलाओं को दिखाने में व्यस्त है.

तो साहब मामला ये है कि कल धौरहरा गाँव में एक मुस्लिम परिवार के कुछ सदस्य हज यात्रा कर गाँव वापस आये हुए थे… गाँव का पूरा मुस्लिम समुदाय उनके स्वागत में बस स्टैंड से उन्हें गाँव लाने के लिए पहुंचा हुआ था. भीड़ में उन्मादी मुस्लिम युवा मज़हबी नारे लगा रहे थे कि तभी भीड़ ने भारत विरोधी नारे लगाने शुरू कर दिये, पाकिस्तान के समर्थन में भी नारे लगे.

किसी ने इस घटना का वीडियो बना कर सोशल मीडिया में वायरल कर दिया… देखते ही देखते गाँव के हिन्दू समुदाय के युवा और मुसलमान आमने सामने हो गए… गाँव के लोग भारी संख्या में तिरंगे लेकर थाने पहुच गए… सडक पर जुलूस निकाला… चौराहे पर जम कर हंगामा किया… तब जा कर पुलिस ने दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया.

पूरा धौरहरा बाज़ार कल से ही बंद है… इलाकों में पुलिस बल गश्त कर रहे हैं… बजरंग दल और हिन्दू युवा वाहिनी ने घटना के खिलाफ पुलिस में fir दर्ज कराई है… लेकिन उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गाँव की ये बड़ी घटना राष्ट्रीय मीडिया की ब्रेकिंग न्यूज़ नहीं बन पाई… क्योंकि इससे एक वर्ग विशेष का नाम बदनाम होगा…

अगर ये खबर दिखाई तो मीडिया को देश को बताना पड़ेगा कि मुस्लिम समुदाय ने कौन से नारे लगाए… क्यों लगाए…? अगर ऐसा हुआ तो देश दुनिया में मुसलमानों की देश भक्ति पर सवाल खड़े हो जायेंगे… ध्रुवीकरण होगा… यही वजह है कि धौरहरा की घटना राष्ट्रीय खबर नहीं बन पायी…

और धौरहरा की क्यों… पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर दक्षिण भारत, बंगाल, असम, कश्मीर में हर रोज़ इस तरह के हिन्दू मुस्लिम विवाद होते हैं… लेकिन देश का राष्ट्रीय मीडिया उसे नहीं दिखाता… उनके अनुसार इससे देश में तनाव बढ़ता है… लेकिन यही मीडिया हिंदुओं द्वारा किसी भी प्रतिक्रियात्मक कार्यवाही या जवाबी कार्यवाही को ऐसे दिखाता है जैसे देश की सारी समस्याओं की जड़ ये हिन्दू समुदाय ही है.

केरल में पिछले 2 सालों में 20 से ज्यादा आरएसएस के कार्यकर्ता मारे गए हैं… पश्चिम बंगाल में हर रोज़ बीजेपी के कार्यकर्ताओं पर हमले होते हैं… लेकिन मीडिया में आवाज नहीं उठती… लेकिन अगर एक किसी गौरी लंकेश की हत्या हो जाती है तो पूरे देश दुनिया में hindu fundamentalism के ऊपर बहस छिड जाती है और कहा जाता है कि हिन्दू समुदाय असहिष्णु हो रहा है, अब उसमे धैर्य नहीं है.

असल में भारतीय मुसलमान अब धीरे धीरे अपने असली रूप में आ रहे हैं. वो हरे झंडे और उन्मादी जेहादी नारों को देखते है तो उनके अन्दर का सोया जेहादी जाग जाता है और धौरहरा जैसी घटना हो जाती है… आज़ाद मैदान जैसी घटना हो जाती है… मालदा जैसी घटना हो जाती है…

इस्लाम अपने उग्र रूप में आ चुका है. इससे निपटना है तो हिंदुत्व के उग्र चेहरे के साथ निपटना होगा… वसुधैव कुटुम्बकम… सर्व धर्म समभाव से हमें आज तक सिर्फ पराजय मिली है और आगे भी पराजय मिलेगी… जेहादी कट्टरपंथी इस्लाम का मुकाबला कीजिये… इनको जवाब दीजिये.

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