माँ की रसोई से : कुसकुरा, माँ बसी है बासी रोटी में भी

अक्सर माँ याद आती है घर में जब बासी रोटी बच जाती हैं. घर में बची बासी रोटी गाय को देने के बाद भी कभी कभी बच ही जाती थी, माँ को अक्सर दाल में भिगोकर मीड़कर खाते देखा है. एक बार मैंने भी प्रयास किया लेकिन मज़ा नहीं आया. एक दिन पूछा आपकी दाल … Continue reading माँ की रसोई से : कुसकुरा, माँ बसी है बासी रोटी में भी