…पर मोदी को विदेश घूमने से फुरसत मिलेगी तब न फूँक मारेंगे?

फर्रुखाबाद जिला अस्पताल में पिछली 20 जुलाई से 21 अगस्त मने 32 दिन में नवजात शिशुओं की मृत्यु में सारे तथ्य सामने आ गए हैं.

* इन 32 दिनों में कुल 461 गर्भवती महिलाओं का प्रसव हुआ जिसमें कुल 468 बच्चे पैदा हुए (इसमे कोई Scam घोटाला न देखें, कुछ महिलाओं को जुड़वा हुए होंगे)

* 19 बच्चे Still Born बोले तो मरे हुए पैदा हुए.

* 66 बच्चे कुछ Complications के साथ पैदा हुए जिन्हें SNCU बोले तो Sick Newborn Care Unit में भर्ती कराया गया. इनमे 66 में से 60 बच्चे ठीक हो गए और दुर्भाग्य से 6 बच्चों की मृत्यु हो गयी.

* इसके अलावा इस जिला अस्पताल में अन्य private hospitals और ग्रामीण क्षेत्रों से 145 बीमार नवजात शिशु आये जिन्हें SNCU में भर्ती किया गया. इन 145 में से भी 121 ठीक हो गए और 24 की मृत्यु हो गयी.

* मरने वाले बच्चों में से कुछ बच्चे Perinatal Asphyxia से मरे.

अब इस कम्बखत Asphyxia शब्द में ही सब बवाल है. इसका शाब्दिक अर्थ होता है दम घुटने से मौत होना… मने की जब प्रसव हो रहा होता है, तो कई बार बच्चा जल्दी गर्भ से बाहर नहीं आता… घंटों लग जाते हैं… ऐसे में कई बार माँ का ब्लड प्रेशर लो हो जाने से गर्भस्थ शिशु को ऑक्सीजन की कमी हो जाती है.

इस स्थिति को मेडिकल भाषा में Perinatal Asphyxia कहते हैं. जन्मोपरांत ऐसे बच्चों को सांस लेने में दिक्कत होती है, कुछ में मस्तिष्क क्षति भी हो सकती है, बच्चा स्तनपान नहीं करता… ऐसी बहुत सी जटिलताएं होती हैं इसलिए इन्हें SNCU में रख के उपचार किया जाता है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की रिपोर्ट के अनुसार हर साल दुनिया भर में 40 लाख बच्चे Perinatal Asphyxia के कारण मरते हैं.

पर हियाँ पे एक पेच है. मीडिया कहता है कि देस दुनिया में मर जाएं पर ऊपी में नहीं मरने चैय्ये… जोगी, मोदी और अमित शाह का कर रहे थे??? गर्भ में काहे हुआ ऑक्सीजन का कमी???

गांव के मेहरारू को भी चूल्हा फूंकते समय इतना अक्किल होता है कि जब आग न बरे तो चूल्हा में फूंक मारने से ऑक्सीजन सप्लाई बढ़ जाती है और आग भभक के बरने लगती है… …तो जब देस की मेहरारू को बच्चा हो तो जोगी-मोदी को धियान देना चैय्ये नू कि आक्सीजन न घटे?

जब डीलेभरी हो तो जोगी और मोदी को हुआँ खड़े हो के फूँक मारनी चाहिए जिस से कि ऑक्सीजन न घटे… पर मोदी को विदेश घूमने से फुरसत मिलेगी तब न फूँक मारेंगे?

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