राम रहीम के साथ जेल तक जाने वाली हनीप्रीत अचानक कैसे हो जाती है फरार!

क्या हनीप्रीत पुलिस एनकाउंटर में मारी जाएगी? सुनने में अजीब लगता है. पर बदली हुई परिस्थितियों को देखते हुए इस सम्भावना से इन्कार नहीं किया जा सकता है कि जल्दी ही यह समाचार सुनने को मिले कि सच्चा डेरा के राम रहीम की तथाकथित पुत्री हनीप्रीत को उसके साथियों सहित भारत से नेपाल की सीमा पार करते समय पुलिस एनकाउंटर में पुलिस की गोली से मार दिया गया. उसकी मृत्यु हो गई.

पुलिस एनकाउंटर में हनीप्रीत के मारे जाने की सम्भावना के कई कारण हैं.

१) सबसे बड़ा कारण यह है कि पंचकुला से रोहतक तक हेलीकॉप्टर मे राम रहीम के साथ ‘हनीप्रीत’ साथ में आई थी. जबकि सरकारी नियमों के अनुसार गिरफ्तार व्यक्ति के अलावा और किसी भी सामान्य आदमी को हेलीकाप्टर में बैठने की इजाजत नहीं थी. फिर किसके आदेश से हनीप्रीत को राम रहीम के साथ हेलीकॉप्टर से जेल के भीतर तक जाने की अनुमति दी गई? यह एक रहस्य है.

२) पुलिस सूत्रों के अनुसार राम रहीम को जेल में बन्द करने के बाद ‘हनीप्रीत ‘ को उसके पांच साथियों के साथ जाने का कहा गया. ‘हनीप्रीत ‘ को वह पांच अज्ञात लोग कौन थे? जो हनीप्रीत को अपने साथ लेकर चले गए. पुलिस का कहना है कि वह पाँचों डेरा के भक्त या गुंडे थे. कहा गया है ‘ हनीप्रीत ‘ इन पाँचों लोग के साथ अब भी फरार हैं. उसे पुलिस ने “लुकआऊट” नोटिस दिया गया है. हवाई अड़्ड़ों और सीमा चौकियों को सतर्क कर दिया गया है जिससे हनीप्रीत देश के बाहर भाग कर न जा सके.

३) अब प्रश्न यह उठता है कि हनीप्रीत तो राम रहीम के साथ रोहतक जेल में हेलीकाप्टर से आधा घण्टे के भीतर आ गई थी. डेरा के पांच गुंडे इतनी जल्दी रोहतक जेल तक कैसे आ गए? फिर जब पुलिस ने लाल सूटकेस का सिग्नल पहचान कर आगजनी की खबर पा ली थी. यह सब दस मिनिट के भीतर ही पुलिस द्वारा सुनिश्चित हो गया था, कि ‘हनीप्रीत’ ने राम रहीम को भगाने और आगजनी का संकेत दिया है, तो फिर पुलिस ने हनीप्रीत को हेलीकॉप्टर से उतरते ही गिरफ्तार क्यों नहीं कर लिया? उसे अज्ञात लोगों के साथ क्यों जाने दिया गया?

४) यह क्यों न मान लिया जाए कि पुलिस ने जानबूझकर अपने उन पांच लोगों के साथ हनीप्रीत को अज्ञात स्थल पर रवाना कर दिया है, तथा ‘हनीप्रीत ‘ को अभी भी पुलिस या सरकार परस्त माफिया के किसी गुप्त कस्टडी में कहीं पर छुपाकर रखा गया है.

५) उक्त तरह की सम्भावना इसलिये और अधिक प्रबल होती जा रही है, क्योंकि सिरसा में राम रहीम के डेरे के भीतर सात सितारा होटल की सुविधा, ताजमहल, एफिल टॉवर और जहाज के आकार का विशाल होटल, तथा डिसनी लैण्ड के भवन में ऐशोआराम की आधुनिकतम सुविधाए पाई गई हैं . यह सब रंगबिरंगी शौकिया सुविधाएं दर्शाती है कि बाबा राम रहीम विदेशी नर्तकियों वैश्याओं को बुलाकर इस गुप्त जगह पर बडे पैमाने पर आरामगाह की आड़ में इस जगह अन्तर्राष्ट्रीय स्तर का वैश्यालय चला रहा था. इस वैश्यालय में राजनीति के और प्रशासन के हरियाणा और पंजाब के बडे बडे रसूकदार लोग रंगरेलिया, सुरा सुन्दरी का लुफ्त उठाने जरूर जाते होंगे.

६) अब अगर इस सम्भावना को सत्य मान लिया जाए कि बाबा के डेरा में धर्म की आड़ में लोगों को मूर्ख बनाकर वैश्यालय चला रहा था. यहां ड़्रग के सौदागर और पंजाब हरियाणा के राजनीति में खास महत्व रखने वाले लोग बाबा के सामने मत्था टेककर चोरी छिपे उनके सात सितारा आरामगाह में सुरा सुन्दरी का लुफ्त उठा रहे थे. यह एक बड़ा कारण हो सकता है कि सभी राजनेता चाहे किसी भी पार्टी के क्यों न हों शरणागत रहते होंगे. राजनेताओं के साथ पंजाब और हरियाण के बड़े अफसर भी मजा लूटने में पीछे नहीं रहते होंगे. जब गुरूदासपुर जैसे महत्वपूर्ण स्थान का एस पी रैंक का अधिकारी हीरे की तस्करी के लोभ में अपनी सरकारी जीप पाकिस्तानी आतंकवादियों के हाथों सौंप सकता है, तो “उड़ता पंजाब” के नशे में डूबा पंजाब हरियाणा के उच्च पदों पर आसीन अधिकारियों को ‘राम रहीम ‘ को सुरा सुन्दरियों के जाल में फंसाना बहुत आसान काम रहा होगा.

७) पंजाब हरियाणा के बड़े अधिकारी राम रहीम के चंगुल में गले गले तक फंसे होंगे , इस बात की पुष्टि इस बात से होती है कि ७०० एकड़ के क्षेत्र में फैला राम रहीम का महल किसी न किसी गाँव की ग्राम पंचायत में जरूर रहा होगा. सिरसा की नगर पालिका की अनुमति लेकर ही ड़ेरा में बड़ी-बड़ी इमारतें खड़ी की गई होगी. इनका बाकायदा नक्शा पास हुआ होगा, अनुमति ली गई होगी. सम्पति कर राजस्व आदि का सबका बाकायदा भुगतान किया गया होगा. अगर आपको अपने मकान में थोड़ी बहुत भी रद्दोबदल कराना हो तो नगर ग्राम निकायों के सामने कितने पापड़ बेलना पडते हैं. पर बाबा राम रहीम को लगता है किसी से कोई अनुमति लेने की जरूरत नहीं पड़ी. क्योंकि पंजाब हरियाणा के सब बड़े छोटे अफसर और नेता राम रहीम के बगैर पैसों के खरीदे हुए “गुलाम” बन चुके थे.

८) अब अगर थोड़ी देर के लिए यह मान लिया जाए कि बाबा राम रहीम की आरामगाहों में पंजाब हरियाणा के नेता और अफसर साध्वियों और विदेशी वैश्याओं से रंगरेलिया मनाते रहे थे, और यह सब काम “हनीप्रीत” के सीधे देखरेख और नियंत्रण में होता था. तो ‘हनीप्रीत’ इतनी खतरनाक औरत है कि उसने निश्चित ही इन बड़े रसूकदार नेताओं और अफसरों की “ब्लू फिल्में” चोर कैमरों की मदद से बनाकर अपने पास जरूर रखी होंगी. जिससे समय आने पर इन नेताओं और अफसरों को ‘ब्लेकमेल’ करके इन पर शिकंजा कसके रखा जा सके. बाबा राम रहीम की राक्षसी सल्तनत खुलेआम धड़ाधड़ चलने का यही एक कारण हो सकता है .

९) राम रहीम को सजा सुनाने के बाद उसे गिरफ्तार करने में रोकने के लिए हरियाणा पुलिस के छ: सिपाहीयों ने रुकावट डाली और राम रहीम को फरार होने का प्रयास कराया. इस हेतु एक आई ए एस अफसर को गार्ड ने चांटा तक मार दिया. हरियाणा पुलिस के ६ गार्ड देशद्रोह के अपराध में गिरफ्तार कर लिये गए. यह गार्ड राम रहीम की जेड़ सुरक्षा में थे. सुनने में यह हास्यास्पद लगता है कि हरियाणा पुलिस के साधारण से सिपाही एस पी चांटा मारे या डी जी पी, एस पी के सामने विद्रोह करने की जुर्रत कर सके. यह असम्भव नजर आता है.

१०) अगर थोड़ी देर के लिए इस काल्पनिक “थ्योरी” को सही मान लिया जाए कि बाबा राम रहीम को सुरक्षित फरार कराने में मदद करने के लिये, घटनास्थल पर मौजूद अफसरों को हनीप्रीत ने कहा कि ‘राम रहीम’ को गिरफ्तार न करके चुपचाप फरार होने में मदद करो नहीं तो, वह उन अफसरों और उनके नेताओं के काले कारनामों का सुबूत मीडिया को जाहिर कर देगी. इस धौंस और ब्लेकमेलिंग की हरकत अगर हनीप्रीत ने उन गार्डों के सामने ही दी हो, तो अब अफसरों के सामने एक ही रास्ता बचता था. वह जल्दी से जल्दी हरियाणा पुलिस के गार्डों को और हनीप्रीत को मौके से तुरन्त हटा दें.

यही कारण हो सकता है कि अधिकारियों ने हनीप्रीत को हेली काप्टर में बैठाकर मौके से हटा दिया. और गार्डों पर देश द्रोह का आरोप लगाकर सीन से गायब कर दिया. इस थ्योरी में सचाई इस लिये नजर आती है क्योंकि रामरहीम का हेलीकाप्टर सीधे रोहतक जेल के भीतर उतारा गया था. हनीप्रीत उस समय जेल में उसके साथ उतरी थी. जेल के भीतर जेल नियमों के अनुसार कैदी के अलावा और कोई भीतर नहीं आ सकता. फिर हनीप्रीत को जेल से पांच अज्ञात लोगों के साथ अज्ञात जगह भगा दिया गया. इस सब में संदेह की बू आती है.

रोहतक जेल तक हेलीकाप्टर से पहुंचने के पूर्व यह पक्का हो गया था कि हनीप्रीत ने राम रहीम को भगाने की कोशिश की और दंगा आगजनी फैलाने का इशारा किया, तो फिर ऐसे कौन से कारण थे कि हरियाणा पुलिस के आला अफसरों ने हनीप्रीत को खुल्ला छोड़ दिया. इससे तो यही शक होता है हनीप्रीत कहाँ पर है कैसी है क्या कर रही है यह सब हरियाणा की सरकार और उसके बड़े अफसरों को पता है. रसूकदारों को डर है कि हनीप्रीत कहीं उनका काला चिट्ठा न खोल दे इस लिये उसे गायब कर दिया गया है. यही एक कारण है कि शंका हो रही है देर अबेर हनीप्रीत का एनकाउन्टर न हो जाए!

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