इराक़ी प्रधानमंत्री का दावा, मोसुल के बाद अब ताल अफार शहर हुआ IS मुक्त

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बगदाद. इराकी प्रधानमंत्री हैदर अल-अबादी ने गुरुवार को आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) से ताल अफार शहर और आसपास के इलाकों की पूर्ण मुक्ति की घोषणा की. समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, अबादी ने कहा, “ताल अफार मुक्त हो गया है और इराकी सेना, संघीय पुलिस, आतंकवाद रोधी सेवा, हशद शाबी, रैपिड रिस्पांस और ताल अफार के बहादुर लोगों के हाथों से इराकी झंडा फिर से फहराया गया है.”

अबादी ने कहा, “पिछले दिनों के दौरान, इराकी बलों ने अयाधिया और अन्य इलाकों को आईएस आतंकियों से मुक्त कराया और उन्हें भागने का मौका नहीं दिया.” अबादी ने अपने बयान में कहा, ताल अफार स्वतंत्र हो गया है. हम आईएस के आतंकवादियों से कहना चाहते हैं तुम जहां भी हो हम तुम्हारे लिए आ रहे हैं. तुम्हारे पास आत्मसमर्पण करने या मरने के लिए सिवाय दूसरा कोई विकल्प नहीं है.

उन्होंने कहा, “जीत की खुशी पूरी हो चुकी है और पूरा निनेवह प्रांत हमारे सुरक्षाबलों के हाथों में आ गया है.” प्रधानमंत्री ने पूरे इराक से आईएस समूह को खदेड़ने का संकल्प लिया और कहा, “जहां भी आतंकवादी हैं, हम मुक्ति के लिए आ रहे हैं और उनके पास मरने या आत्मसमर्पण करने के अलावा कोई विकल्प नहीं हैं.”

इराकी सेनाओं के कमांडर-इन-चीफ अबादी ने 20 अगस्त को ताल अफार सहित अयाधियाह से आईएस आतंकियों को खदेड़ने के लिए अभियान शुरू करने की घोषणा की थी. अयाधियाह निनेवह प्रांत में आखिरी आईएस गढ़ था.

उल्लेखनीय है कि हाल ही में इराक की वायु सेना ने पश्चिमी अल-अनबर प्रांत के एक शहर में हवाई हमला किया, जिससे उग्रवादी संगठन आईएस के 94 सशस्त्र सदस्य मारे गए. इराक की सेना ने 30 अगस्त को यह जानकारी दी थी.

इराक के संयुक्त अभियान कमान ने एक वक्तव्य में कहा कि खुफिया विभाग से मिली खबर के अनुसार इराक की वायु सेना के लड़ाकू विमानों ने अंग-गाइम कस्बे स्थित आईएस के कब्ज़े वाली 6 जगहों पर हवाई हमला किया, जिसमें आईएस के 94 सदस्य मारे गए.

मरने वालों में आईएस का एक सुरक्षा नेता और पश्चिमोत्तर इराक के तल अफार कस्बे में सक्रिय रहा नेता भी शामिल थे. वक्तव्य में कहा गया है कि हवाई हमले में बम से लैस दो कार भी नष्ट हुईं. वक्तव्य में हवाई हमले का ठोस समय नहीं बताया गया.

गौरतलब है कि अमेरिका के समर्थन वाले लड़ाकू समूह ने आईएस के कब्ज़े से मोसुल को मुक्त कराने के बाद ताल अफार को अपना अगला लक्ष्य बनाया था जहां वर्ष 2014 में आईएस ने इराक और सीरिया के कुछ हिस्सों को मिलाकर अपना खलीफा घोषित किया था.

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