Sach Pass-2 : क्यों कहते हैं इसे दुनिया का सबसे खतरनाक रास्ता?

Bikers का पिछवाड़ा पीतल का होता है. ऐसा कहा जाता है कि श्मशान में जब Biker को फूंकते हैं तो बाकी का शरीर तो भस्म हो जाता है पर पिछवाड़ा जस का तस बचा रहता है. फिलहाल report ये है कि कल रात घर वापस आ गए. मीटर 1077 Km दिखा रहा था.

पर इसे 1077 नहीं बल्कि 3077 Km पढ़ा जाए क्योंकि Saach Pass किल्लाड़ के रास्ते पर 1 Km 10 के बराबर होता है. इन तीन दिनों में हमने कुल 250 km से ज़्यादा Off Road Biking की.
तीन रात 4 दिन. कुल खर्च लगभग 6000 रु, जिसमें petrol 3000 रु का और रुकना ठहरना खाना पीना 3000.

मुझे इस शरीर का मनोविज्ञान ये समझ नहीं आया कि पिछले तीन दिन ये शरीर क्यों नही दुखा? अब इस समय थकावट पता चल रही है. कायदान इस सफर में कमर बोल जानी चाहिए पर मेरी सिर्फ टांगें और Bums दुख रहे हैं.

एक मित्र ने पूछा कि क्या मैं अपनी Pulsar पे जा सकता हूँ. Pulsar क्या आप किसी भी Bike पे जा सकते हैं. Bike का महत्व नहीं. महत्व है Group का. आप जिस group के साथ जा रहे हैं उसमें बाकी लोगों के पास कौन सी Bike है? अगर वो सब RE Classic या TB पर हैं तो आप उनकी स्पीड और Power के साथ Cope ही नहीं कर पाएंगे और फिर आपकी वजह से पूरी Ride late होगी. Ride एक chain होती है और a chain is as strong as it’s weakest link. Ride में सबको साथ ले के ही चलना है इसलिए Riders आम तौर पर अलग अलग Category की Bikes के group बनाते हैं.

जैसे कि जालंधर में Activa का एक ग्रुप अभी Leh हो के आया है. यदि आपके पास Pulsar या Passion है तो फिर इसी का ग्रुप बनाइये और निकल जाइये. वैसे आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि मैंने धर्मपत्नी के साथ Passion पर जालंधर वाराणसी 1200 km कई बार किया है.

इस यात्रा में मेरे साथ 7 अन्य Riders थे जिनमें 2 लड़के 22 साल के बच्चे थे और बाकी सब 30 के आसपास के थे. एक मैं ही अकेला 53 साल का था. हमारी जवानी तो साइकिल स्कूटर पर गुजरी है. हमको Thunder Bird अब इस उम्र में नसीब हुई.

वो दोनों 22 साल वाले तो कमबख्त पैदा ही Bullet पर हुए. उनके साथ Bike चलाना डेढ़ी खीर है. क्या गज़ब का Control होता है इनका Bikes पर. ऐसे में इस उम्र में Teenagers के साथ Biking करके मुझे खुद Teen Age का अहसास हुआ. I feel young, शरीर बेशक बूढ़ा हो चला है पर दिलो दिमाग से मैं अभी भी बच्चा ही हूँ.

Sach Pass को दुनिया का सबसे खतरनाक रास्ता क्यों कहते हैं? ऐसा क्या खतरा है वहां? आपका बाथरूम कितनी खतरनाक जगह है? क्या आप जानते हैं कि हर साल कितने लोग अपने बाथरूम में फिसल के अपनी कूल्हे की और हाथ की हड्डी तुड़वाते हैं. कितने लोगों ने बाथरूम में फिसल के अपनी जान गवईं है?

Sach pass की सड़क ठीक वैसी है जैसी लालू और मुलायम के राज में यूपी बिहार की सड़कें होती थीं. मने पहाड़ काट दिया है, पर अभी उस पर सड़क बनानी बाकी है. कच्ची पथरीली सड़क है. मिट्टी धूल भरी. और एकदम पतली नहीं, पूरी अच्छी खासी चौड़ी सड़क है. थोड़ा बहुत आगे पीछे करके सामने वाली गाड़ी निकल ही जाती है.

खतरनाक तब होती है जब मौसम खराब हो, बारिश में बेहद खतरनाक. न जाने कब पूरा पहाड़ ही आपके ऊपर आ गिरे ? Land slide… गीले रास्ते पर फिसलन हो जाती है. ऊपर से नीचे 1000 फुट गहरी खाई में बहती चंद्रभागा – चेनाब नदी.

रास्ते मे पड़ने वाली water Crossings. वर्षा में ये बेहद खतरनाक हो सकती हैं. जब हम गए तो मौसम एकदम साफ और सूखा था इसलिए जो भी 10- 15 water Crossings पड़ी उनमें पानी नाममात्र का ही था. सिर्फ एक कायदे की watercrossing पड़ी जिसमे Glaciar का पानी बह रहा था.

Sach pass या दुनिया की किसी भी सड़क पर खतरा तब होता है जब आप खराब मौसम में फंस जाएं, या फिर land Slide या अन्य किसी कारण से रास्ता block हो जाये या फिर किसी सुनसान जगह पर कोई बीमार पड़ जाए या गाड़ी में कोई break down या puncture हो जाये. वर्ना Sach Pass पूरी तरह safe है.

आमतौर पर Bikers के मन में सवाल उठता है, water Crossing में जूते कपड़े भीग गए, अब क्या होगा? कुछ ना होगा, पहले 10 मिनट को शरीर को अजीब सा लगेगा फिर आदत पड़ जाएगी. फिर आप भूल जाते हैं. 3 घंटे में bike पर सब सूख जाता है. न भी सूखे तो ऐसे ही चलते रहो. सच कहूँ तो इस यात्रा का असली रोमांच ही water Crossings हैं. जितनी कठिन water Crossing उतना ज्यादा मज़ा. पर वर्षा ऋतु में ये बेहद खतरनाक हो सकते हैं इसलिए be careful.

So , Moral of the story is कि लोग बिस्तर से गिर के भी हड्डियां तुड़वा लेते हैं और बाथरूम में फिसल के जान दे देते हैं. अबे एक ही तो जान है या तो अल्लाह लेगा या मुहल्ला लेगा. ये जान तो यूँ भी चली ही जानी है. So gear up and Hit the Road…

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