अमेरिका 25 सालों तक उत्तर कोरिया को फिरौती देता रहा, अब नहीं होगी बात : ट्रंप

वॉशिंगटन. अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने उत्तर कोरिया के साथ किसी तरह की बातचीत की संभावना को खारिज करते हुए कहा कि ‘अमेरिका 25 वर्षों से उत्तर कोरिया के साथ बातचीत करता रहा है और उनको फिरौती के पैसे देता रहा है. बातचीत जवाब नहीं है.’ गौरतलब है कि मंगलवार को उत्तर कोरिया ने जापान के उपर से एक बलिस्टिक मिसाइल दागी जिसके बाद उसके शस्त्र कार्यक्रम को लेकर तनाव बढ़ गया.

उत्तर कोरिया ने मंगलवार को जो बैलिस्टिक मिसाइल दागी थी, वह लगभग 550 किमी की ऊंचाई से, जापान के उत्तरी द्वीप होक्काइदो के ऊपर से होते हुए गई और करीब 2,700 किमी की दूरी तय कर प्रशांत महासागर में गिरी.

राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्वीट किया, ‘अमेरिका 25 वर्षों से उत्तर कोरिया के साथ बातचीत करता रहा है और उनको फिरौती के पैसे देता रहा है. बातचीत जवाब नहीं है.’ इससे एक दिन पहले ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि उत्तर कोरिया को लेकर सभी विकल्प खुले हुए हैं.

बता दें कि अमेरिका की तमाम चेतावनियों को नजरअंदाज करते हुए उत्तर कोरिया ने मंगलवार को जापान के मुख्य द्वीप के ऊपर से एक मिसाइल का परीक्षण किया था. जापान के अधिकारियों ने कहा था कि मिसाइल उत्तरी जापानी द्वीप के ऊपर से उड़ा और प्रशांत महासागर में गिरा. मिसाइल की वजह से किसी शिप या अन्य चीज को कोई नुकसान पहुंचने की खबर नहीं थी.

अमेरिका ने कहा है कि परमाणु हथियार संपन्न उत्तर कोरिया की ओर से बढ़ रहे खतरे से निपटने के लिए उसने सभी विकल्प खुले रखे हैं. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने कल एयर फोर्स वन विमान में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ सवार संवाददाताओं को बताया ‘मुझे लगता है कि इस बयान में राष्ट्रपति (डोनाल्ड ट्रंप) का उत्तर कोरिया के बारे में रूख बिल्कुल साफ है कि सभी विकल्प खुले हैं और विचार जारी है.’

सारा सैंडर्स प्योंगयांग द्वारा बार बार किए जा रहे बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षणों पर अमेरिकी राष्ट्रपति तथा रक्षा मंत्री जिम मैटिस के बयानों संबंधी सवालों के जवाब दे रही थीं. ट्रंप ने ट्वीट में उत्तर कोरिया के साथ बातचीत को नकारा, वहीं रक्षा मंत्री मैटिस ने कहा कि अमेरिका के सामने कूटनीतिक विकल्प हैं.

सैंडर्स ने कहा ‘हम पहले भी कह चुके हैं कि हम सभी तरीके अपनाने जा रहे हैं और उनमें से एक जारी रहेगा. लेकिन एकीकृत नीति और योजना का हिस्सा ही आगे बढ़ाया जा रहा है.’ उन्होंने कहा कि ट्रंप प्रशासन उत्तर कोरिया पर कड़े प्रतिबंध लगा कर, उस पर लगातार दबाव बना कर गंभीर कार्रवाई कर रहा है तथा अपने विकल्पों पर विचार कर रहा है.

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