बिजली की कहानी – 2 : करंट का युद्ध

बिजली का व्यावसायिक उपयोग 1878 में अमेरिका में शुरू हुआ जब बल्ब के अविष्कारक वैज्ञानिक थॉमस अल्वा एडिसन ने घरों में प्रकाश हेतु डायरेक्ट करंट (डी सी) वितरण प्रारंभ किया. थॉमस एडिसन इंग्लैंड और अमेरिका में एक साथ बिजली सप्प्लाई का कार्य कर रहे थे.

1881 में इंग्लैंड के सर्रे शहर में पहली बिजली सड़क बत्ती प्रणाली लगायी गई. हेमंड ने 1881 में Hammond Electricity Supply Co बनायी जिसने इंग्लैंड के ससेक्स शहर को 24 घंटे बिजली सप्लाई करना शुरू किया. 1882 में एडिसन ने लन्दन में पहला ताप विद्युत उत्पादन शुरू किया और लन्दन नगर पालिका के साथ एग्रीमेंट कर सड़क बत्ती तथा घरों में डी सी बिजली प्रदान करना शुरू लिया.

इसी साल एडिसन ने न्यूयॉर्क में पर्ल पॉवर स्टेशन बनाया और न्यूयॉर्क शहर में डी सी वितरण करना शुरू कर दिया. 1880 में अल्टरनेटिंग करंट (ए सी ) प्रणाली का आविष्कार हो जाने पर यूरोप और अमेरिका के शहरों में ए सी बिजली वितरण भी शुरू हुआ.

बिजली के इतिहास में 1880 से 1890 तक का काल “करंट के युद्ध” के नाम से जाना जाता है. बिजली की दो तरह की वितरण प्रणालिया थी – डी सी और ए सी. डी सी प्रणाली के संस्थापक और वितरक वैज्ञानिक एडिसन थे. ए सी प्रणाली अमेरिका की वेसटिंगहोज कम्पनी ने शुरू की. जार्ज वेसटिंगहोज को निकोला टेस्ला, फरान्टी, सीमेंस, स्टेनली आदि वैज्ञानिकों का समर्थन मिला. एडिसन और वेसटिंगहोज ने एक दूसरे के खिलाफ प्रचार और प्रोपगंडा चला रखा था. एडिसन और उनके लोग जगह जगह बताते की ए सी मानव जीवन के लिए खतरनाक है, वही वेसटिंगहोज कम्पनी के लोग एडिसन के दावे को गलत बताते और साबित करते की ए सी से जादा खतरनाक डी सी है. जगह जगह जनता को प्रयोग दिखा कर जानवरों को करंट लगा कर मारा जाने लगा.

ए सी प्रणाली में अनेक लाभ है – हाई वोल्टेज पर लम्बी दूरी तक बिजली को भेजा जा सकता है, और ट्रांसफार्मरों द्वारा वोल्टेज कम या ज्यादा किया जा सकता है. साथ ही ए सी का उत्पादन कम लागत में किया जा सकता है. अंत में जीत वेसटिंगहोज कम्पनी और ए सी प्रणाली की हुई. ए सी के तकनीकी एवं आर्थिक लाभ के कारण आज पूरे विश्व में ए सी प्रणाली का उपयोग किया जाता है.

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