तीन तलाक़ पर फैसले से भाजपा को वोट मिलें, न मिलें, डर तो पैदा होगा

बच्चों को अक्सर प्रारंभिक शिक्षा माँ से मिलती है. ज़ाहिर है कट्टरपंथी समुदाय विशेष वाले को उसकी माँ ने भी सिखाया ही होगा, तो औरतें भी वहां कट्टरपंथी ही हैं. इन कट्टरपंथी महिलाओं का समर्थन भाजपा को मिलेगा? इसमें शक रहता है, पूरी संभावना है कि नहीं मिलेगा. सवाल है कि अगर वोट नहीं मिलेगा तो फायदा क्या है?

इसके दो फायदे हैं. पहला कि जब आप कहते हैं कि महिलाएं तो भाजपा को वोट कर आईं और हाल में ही यूपी में भाजपा को भारी जीत मिली दिखती है तो शक पैदा होता है कि क्या सचमुच ऐसा हुआ था? शक का पैदा हो जाना लम्बे समय के लिए दरार पैदा करेगा ही करेगा. शक का कोई इलाज नहीं होता. ये एकीकृत वोट बैंक को सीधा दो टुकड़े करता है.

दूसरा फायदा कि कल तक जब न्यायालय समुदाय विशेष के खिलाफ कोई फैसला देता था तो उसे सरकार संसद से बदल देती थी. ये उनमें शक्तिशाली होने का हौसला भरता था. आप जीतने के कॉंफिडेंट आदमी से लड़ें और हारने से डरे व्यक्ति से, तो दोनों अलग बातें होंगी.

इस बार फैसला नहीं बदला है बल्कि कानून बना कर उनके कायदे तोड़ देने की हिम्मत दिखाई जा रही है. और ये पिछले हज़ार साल के भारत में शायद पहली ही बार हुआ है. हारने का डर पैदा कर दिया गया.

ये दो सीधी सी चीज़ें कभी-कभी लोगों को नहीं दिखती, या कहिये देखना नहीं चाहते. हमें लगता है कि बुर्के में जो वो आँख की जगह एक पट्टी काट कर निकाली जाती है वो कहाँ बाँधने में इस्तेमाल होती है वो आज पता चल गया है. वो पट्टी निकाल कर मोहल्ले के पड़ोस में रहने वाले हिन्दुओं की आँख पर बाँधी जाती होगी.

इस्लामिक आतंक का इलाज उस से भयानक आतंक होता है. जेहादियों को हराना है तो ड्राकुला के नाम से कुख्यात काउंट व्लाड ड्राकुल (Count Vlad Dracul) चाहिए ही चाहिए. हम तुम्हारे नियम कानून नहीं मानते ये समझाना भी ज़रूरी है. उनके तलाक ए बिद्द्त को मानने से इनकार कर देने पर शुरुआत तो होती ही है.

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