सृजन घोटाले के आरोपी की मौत, जेल प्रशासन और पुलिस पर लापरवाही का आरोप

पटना. बिहार में 700 करोड़ के सृजन घोटाले के आरोपी महेश मंडल की रविवार शाम मौत हो गई. महेश किडनी और कैंसर की बीमारी का इलाज करा रहे थे. महेश की गिरफ्तारी पिछले रविवार को भागलपुर से हुई थी, हालांकि गिरफ्तारी के बाद भी उनका इलाज एक अस्पताल में चल रहा था.

परिवारवालों का आरोप है कि महेश की मौत जेल और पुलिस की लापरवाही का परिणाम है. परिजनों का आरोप है कि महेश का इलाज सही ढंग से नहीं किया गया जिसके चलते उनकी मौत हुई. उनका ये भी कहना है कि महेश जिंदा होते तो घोटाले से संबंधित कई और राज खोल सकते थे.

घोटाले के आरोप में ज़िला कल्याण विभाग से निलंबित महेश मंडल को 13 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद 15 अगस्त को कोर्ट ने उन्हें जेल भेज दिया. मगर उन्होंने तबीयत खराब होने की दलील दी, जिसके बाद कोर्ट के आदेश पर उन्हें अस्पताल में भर्ती करा दिया गया.

अपनी गिरफ्तारी के बाद महेश ने अपनी संपत्ति का जो ब्योरा दिया था वह काफी चौंकाने वाला था. उनके गांव में डेढ़ एकड़ का विशाल घर मिला था, जिसकी चर्चा है कि हर कमरा न केवल वातानूकुलित है, बल्कि बाथरूम में भी एयरकंडीशन लगा है.

महेश ज़िला कल्याण विभाग में नाजिर थे और इस घोटाले के सामने आने के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया था. महेश का बेटा शिव मंडल जनता दल यूनाइटेड का भागलपुर इकाई का युवा विंग का अध्यक्ष था और इस मामले के प्रकाश में आने के बाद उसे भी पार्टी से बाहर कर दिया गया.

शिव मंडल जिला परिषद का सदस्य है और अपने साथ पूछताछ में महेश ने माना था कि जिला परिषद अध्यक्ष के चुनाव में उन्होंने करीब 3 करोड़ ख़र्च किया, लेकिन वह अपने बेटे को चुनाव में जीत नहीं दिला सके.

ये घोटाला बिहार के भागलपुर में सामने आया है. जहां सृजन महिला आयोग नाम की संस्था ने बैंक और ट्रेजरी अधिकारियों के साथ मिलकर करोड़ों रुपये के गबन को अंजाम दिया. बैंक अधिकारी सरकारी फंड को गुपचुप तरीके से सृजन के खाते में डाल देते थे. संस्था ने पैसे को रियल एस्टेट जैसे धंधों में लगाकर करोड़ों रुपये के वारे-न्यारे किए.

मृतक महेश मंडल की बीमारे के बारे में बताया जा रहा है कि उन्होंने किडनी खराब होने की शिकायत की थी. साथ ही उन्हें शुगर की भी समस्या थी. कोर्ट से इस संबंध में इलाज की मोहलत मांगी गई, जिसके बाद शुक्रवार और शनिवार को इलाज के लिए महेश को मायागंज अस्पताल भेजा गया.

दो दिनों तक इलाज के बाद महेश मंडल को वापस जेल भेज दिया गया. रविवार शाम अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई. जिसके बाद उन्हें अस्पताल लाया गया, जहां इलाज के दौरान रविवार की रात उनकी मौत हो गई.

पुलिस ने इस मामले में कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किया है. वहीं बिहार सरकार ने मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की है. इस बीच भागलपुर पुलिस ने रविवार को आरोपी और अब भाजपा से निलंबित नेता विपिन शर्मा समेत कई लोगों के यहां छापेमारी की. इनमें से अधिकांश इन आरोपियों के सृजन की काली कमाई से शुरू किए गए व्यावसायिक प्रतिष्ठान हैं.

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