ब्लू व्हेल का खौफ : CBSE ने स्कूलों में बैन किए स्मार्टफोन, आईपैड और टैबलेट

नई दिल्ली. ब्लू व्हेल गेम के चलते कई स्कूली छात्रों के खुदकुशी कर लेने के बाद केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) इस मामले पर सख्त हो गया है. सीबीएसई ने संबद्ध स्कूलों के लिए साइबर सुरक्षा से जुड़े दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं. इसके तहत छात्रों द्वारा स्मार्टफोन, टैबलेट, आईपैड आदि इंटरनेट से चलने वाले गैजेट्स बिना अनुमति के लाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है.

इसके साथ ही स्कूलों को अपनी कंप्यूटर प्रयोगशालाओं में उपलब्ध इंटरनेट सामग्री की समीक्षा करने के भी निर्देश दिए गए हैं. सीबीएसई ने संबद्ध 1400 स्कूलों को लिखित रूप से ये दिशानिर्देश भेज दिए हैं.

सीबीएसई ने आयु वर्ग के हिसाब से ही छात्रों को कंप्यूटर पर चयनित वेबसाइट एक्सेस करने और निगरानी रखने के लिए कंप्यूटर लैब्स में फायरवॉल्स और लाइसेंस्ड सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करने के भी निर्देश दिए हैं.

सीबीएसई का कहना है कि स्कूलों में विद्यार्थियों को इंटरनेट के फायदे और नुकसान के बारे में शिक्षकों को बताना चाहिए. इंटरनेट पर उपलब्ध अवांछित सामग्री को ब्लॉक किया जाए और इंटरनेट सुरक्षा मानकों के बारे में अभिभावकों को बताया जाए.

सीबीएसई ने कहा कि जो इन नियमों का पालन नहीं करता है, विद्यालय उसके खिलाफ अनुशासानात्मक कार्रवाई करे. बता दें सीबीएसई 2009 में ही स्कूलों में मोबाइल लाने पर भी प्रतिबंध लगा चुका है. वहीं इस बार उसने सुरक्षा के मद्देनजर ये दिशा निर्देश जारी किए हैं.

उल्लेखनीय है कि कई बच्चों के मौत के मुंह में जाने से बचने के बावजूद इस ऑनलाइन गेम की चपेट में आकर मुम्बई और पश्चिम बंगाल में दो बच्चों ने सुसाइड कर लिया था. मीडिया की खबरों की मानें तो कई राज्य सरकार तथा अभिभावकों में फैलते असंतोष के बाद सरकार ने इस गेम पर प्रतिबन्ध लगा दिया.

आईटी मंत्रालय द्वारा 11 अगस्त को लिखे पत्र से यह साफ है कि सरकार ने इस गेम को बैन करने के लिए कानूनी प्रावधानों के तहत कोई औपचारिक आदेश पारित नहीं किया है. गौरतलब है कि जिस तरह ब्लू-व्हेल समुद्र के किनारे पर मरने के लिए आती है, उसी तर्ज पर इंटरनेट की दुनिया में ‘ब्लू व्हेल चैलेंज’ गेम से बच्चों को आत्महत्या के लिए प्रेरित किया जाता है.

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