खुला वक्ष खुले विचार नहीं कहलाता, पता नहीं, भारत पहुंचते ही क्यों बदल जाते हैं अर्थ?

लड़कियों को कितने बजे घर लौट आना चाहिए? कहाँ जाना या नहीं जाना चाहिए? क्या पीना या नहीं पीना चाहिए? इस बकवास बहस को थोड़ा पर्सपेक्टिव देना चाहूँगा.

इस बहस के मूल में पश्चिम की सोच है, पश्चिम का पहनावा है, पश्चिम की रहन-सहन और सभ्यता और उसकी स्वीकृति और अस्वीकृति का द्वंद है. तो मूलतः पश्चिम में ऐसे प्रश्न पूछे जाते हैं या नहीं, पूछे जाते हैं तो उनका संदर्भ क्या होता है और हमारे देसी संदर्भ में यह प्रश्न कब विकृत हो जाता है, कब भटक जाता है…

छोटे कपड़े यहाँ कितने छोटे होते हैं? सिगरेट और शराब की यहाँ क्या प्रासंगिकता है? घर से बाहर घूमना यहाँ कितने बजे तक सुरक्षित है? पर-पुरुष कौन है, और उसके साथ कैसा व्यवहार अपेक्षित है? भारत में लोगों की इन प्रश्नों की समझ थोड़ी अस्पष्ट है. मेरी भी अभी तक अस्पष्ट ही है, सात साल रहने के बाद भी. अपनी नज़र पैनी और खुली रखने के बाद भी.

यहाँ मेरे बहुत ही अच्छे संबंध रहे हैं कई मित्रों से. लड़कियों से भी. और अक्सर उनकी सोच से परिचय होता है उनकी आपस की बातें सुनकर भी. पश्चिमी स्टीरियोटाइप को हॉलीवुड का सिनेमा भी परिभाषित करता है. सत्य को नहीं, पर स्टीरियोटाइप को.

यहाँ सिगरेट आधुनिकता नहीं है, व्यसन है. और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है. सिगरेट पीने से दाँत खराब होते हैं, साँस में दुर्गंध आती है और सुंदरता के लिए सजग लड़कियाँ सिगरेट नहीं पीतीं. पता नहीं, भारत में यह स्त्री शक्ति का पर्याय कैसे बन रहा है.

शराब ज्यादा कॉम्प्लिकेटेड है. वीकेंड को एक ड्रिंक मित्रों के साथ एक सोशल एक्टिविटी है. उतने में कोई नशे में धुत्त नहीं होता. अगर आप डिनर पर जा रहे हैं, तो शायद ज्यादा पीना चलेगा. 2-3 ड्रिंक तक, जब तक थोड़ी खुमारी आ जाये.

अगर आप एक डेट पर हैं, और आप पीकर धुत्त हो रही हैं तो इसका मतलब यहाँ भी वही समझा जाएगा जो भारत में समझा जाएगा कि आप असंयमित हैं, और फायदा उठाये जाने के लिए तैयार हैं कि आपको थोड़ी छेड़छाड़ से ज्यादा परहेज नहीं होगा और शायद आप बिस्तर तक जाने के लिए भी तैयार हो जाएंगे. पर अगर आप पुरुष हैं और इसका फायदा उठाने के मूड में हैं तो अगली सुबह रेप का चार्ज लेने का खतरा भी उठा रहे हैं. कानून और व्यवस्था थोड़ी अलग है. व्यक्ति और उसकी नीयत यहाँ भी वैसी ही है.

छोटे कपड़े मौसम के हिसाब से सही हैं. गर्मी में अच्छे मौसम में पार्टी करने जा रहे हों तो छोटे कपड़े प्रॉपर माने जाएंगे. अगर अपने पति या बॉयफ्रेंड के साथ एक रोमांटिक डेट-नाईट पर हों तो गले का खुला होना, वक्ष की रेखा थोड़ी सी दिखना सुंदर और सेक्सी ही माना जायेगा. पर आप एक फर्स्ट डेट पर, किसी अपरिचित या कम परिचित के साथ बाहर जाएँ, या ऑफिस जाएँ और आपकी ड्रेस की गहरी नेकलाइन से आपका वक्ष नजर आ रहा हो तो इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आप बहुत बोल्ड और खुले विचार की हैं. इसका मतलब यही है कि आप डेस्परेट हैं.

और ऐसा बिल्कुल नहीं है कि गोरी लड़कियाँ किसी के भी साथ कहीं भी चली जाती हैं. हाँ, अपना साथी वे ट्रायल एंड एरर से ही खोजती हैं. उसमें जितना ट्रायल होता है, उससे ज्यादा एरर होता है. पर जब वे किसी एक के साथ होती हैं तो वफादारी और विश्वास जैसे शब्दों के माने यहाँ भी वही होते हैं जो हमारे यहाँ होते हैं. बल्कि विश्वास टूटते ही संबंध बिल्कुल टूट जाते हैं. इसलिए एक रिलेशनशिप में रहते हुए दूसरे पर चाँस मारना यहाँ लगभग नहीं ही होता है. और जो लड़कियाँ सहज सुलभ किस्म की होती हैं उनके लिए यहाँ भी एक शब्द प्रयोग होता है – स्लट, …जिसे हिंदी में अनुवाद करेंगे तो अच्छा नहीं लगेगा…

पर इनमें से कोई भी चीज यहाँ आधुनिकता का पर्याय नहीं मानी जाती. खुला वक्ष खुले विचार नहीं कहलाता… पता नहीं, भारत पहुंचते पहुंचते अनुवाद की कौन सी पेंच रह गई है…

हाँ… अधिकार आपका है… शराब पीकर टल्ली होने का, और एक अजनबी के बिस्तर में जागने के बाद रेप का आरोप लगाने का अधिकार है… डेस्पेरेट होकर डेट ढूंढने का भी अधिकार है, और स्लट बनकर आग बुझाने का भी अधिकार है… और इन अधिकारों की रक्षा करने का कानून हर संभव प्रयास भी करता है…

तो ठीक है… अगर कानून-व्यवस्था पर भरोसा है, तो अपने इन अधिकारों का भरपूर प्रयोग कीजिये… पर इसे नारी-मुक्ति का आंदोलन बता कर भ्रमित मत कीजिये… और आपके इन अधिकारों की रक्षा करना कानून-व्यवस्था की यथासंभव जिम्मेदारी है, पर इनका महिमामंडन हमारा सभ्यतागत दायित्व नहीं है… यह अपेक्षा मत कीजिये…

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  1. एकदम सही लिखा है आपने।
    भारत में तो सारी आज़ादी को आधी रात तक घूमने और कपड़े उतारने से जोड़ दिया गया है और उसके साथ एक शर्त ये भी लगा दी गयी की सारे पुरुष बिल्कुल सन्त प्रवृत्ति के हो जाएँ और किसी हाल में इन लोगों को न बुरी नज़र से देखे न बोले और अगर किसी एक ने कुछ बोल दिया या कर दिया तो पूरा इंडिया रेप कंट्री है

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