देखते हैं, कब मिटती है इन प्रेस्टीट्यूट्स की TRP की भूख

प्रतीकात्मक चित्र

आगरा में एक बूढ़ी महिला की पीट पीट के हत्या कर दी गयी. अंग्रेजी में आप इसे Lynching भी कह सकते हैं. इधर गांवों में अफवाह है कि कोई भूत प्रेत चुड़ैल रात में सोती हुई औरतों की चोटी काट देता है. TRP के भूखे समाचार टीवी चैनलों के लिए ये खबर TRP की खान है.

वैसे भारत देश मे इस प्रकार के समाचार और rumor mongering कोई नई बात नही है. मुझे याद है, आज से कुछ साल पहले देश की राजधानी दिल्ली में भी इसी तरह एक monkey man की अफवाह फैली. बताया गया कि monkey man लोगों को अपने नाखूनों से खरोंच मार देता है.

दिल्ली में जमना पार की झोपड़पट्टी और अवैध बस्तियों में ये अफवाह इस क़दर फैली, और उस ज़माने के अखबारों ने इसे इस क़दर हवा दी कि जैसे monkey man सचमुच की कोई आपदा आ गयी है किसी दूसरे ग्रह से…

अफवाहें इस क़दर फैलीं की निरीह मासूम लोग monkey man होने के शक़ में मारे पीटे जाने लगे. दहशत का ये आलम था कि अंत मे लोगों को सुरक्षा का अहसास दिलाने के लिए शीला दीक्षित की दिल्ली सरकार को वायु सेना से हेलिकॉप्टर मांग के हवाई गश्त करानी पड़ी.

अफवाहबाज़ी के कारण जब दो निरीह लोग पीट-पीट के मार दिए गए तो अखबारों पर दबाव बना, मुद्दा अचानक अखबारों से गायब हो गया और monkey man की दहशत भी दो दिन में समाप्त हो गयी.

इसी तरह का एक मामला करीब 15 साल पहले पूर्वांचल में हमारे जिले गाज़ीपुर में हुआ. वहां एक मुँहनोचवा की अफवाह फैली. आरोप था कि रात के अंधेरे में मुँहनोचवा लोगों का मुह नोच लेता है. अखबारों में खबर उड़ी… इस क़दर माहौल बनाया गया कि रोज़ाना मुंह अंधेरे निरीह मासूम लोग पीटे जाने लगे.

एक हादसा तो बेहद दर्दनाक था. एक व्यक्ति अपने 6-7 साल के बेटे को साइकिल पे बैठा के किसी रिश्तेदारी से लौट रहा था. बच्चा न जाने क्यों रोने लगा. लोगों ने दौड़ा के पकड़ लिया. बिना कुछ समझे-बूझे पूछे-जाने पीटना शुरू किया. आदमी बेचारा उसके बेटे के सामने ही पीट-पीट के मार डाला गया.

एक दिन मौसम विभाग का एक गुब्बारा आसमान से आ गिरा. पागल बदहवास लोग लाठी-डंडा ले दौड़ पड़े और गुब्बारे के साथ लटकी टोकरी पे ही मुँहनोचवा-मुँहनोचवा कह लाठी बरसाने लगे.

अखबारों ने जब 4-6 मासूमों की जान ले ली तो अचानक मुद्दा अखबारों से गायब हो गया, सब दहशत खत्म…

अब ब्रज क्षेत्र में औरतों की चोटी काटने वाली चुड़ैल की अफवाह फैला रही हैं प्रेस्टीट्यूट्स उर्फ़ प्रेश्यायें… इनकी अफवाहबाज़ी और TRP की भूख ने आज एक बेचारी मंदबुद्धि बुजुर्ग औरत की जान ले ली.

पहली बलि ली जा चुकी है… गिनते जाइये… अभी और कितनी लाशें गिरती हैं… कब मिटती है इनकी TRP की भूख.

Comments

comments

loading...

LEAVE A REPLY