नाहक लाल हुए लालू, हाई कोर्ट ने ख़ारिज की नितीश सरकार के खिलाफ याचिका

पटना. नितीश कुमार द्वारा महागठबंधन तोड़कर भाजपा के सहयोग से सरकार बनाने को लेकर चारा घोटाले में सज़ायाफ्ता लालू यादव जमकर लाल-पीले हुए थे. अपने पूर्व सहयोगी नितीश कुमार के खिलाफ हत्या जैसा अति गंभीर आरोप लगाने के साथ ही उनकी पार्टी के विधायक सरकार के बहुमत परीक्षण को लेकर हाई कोर्ट भी पहुँच गए थे.

पटना हाईकोर्ट ने सोमवार को लालू को ज़बरदस्त झटका देते हुए नितीश सरकार के खिलाफ याचिका खारिज कर दी. लालू यादव की पार्टी राजद ने ये याचिका दायर की थी जिसमें बहुमत परीक्षण से जुड़े मसले पर सुनवाई होनी थी. पटना हाई कोर्ट ने कहा कि बहुमत साबित हो चुका है अब हस्तक्षेप नहीं कर सकते.

नितीश सरकार ने 27 जुलाई को शपथ ग्रहण किया था. सरकार के गठन के खिलाफ राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद और उनके पुत्र तेजस्वी यादव ने भी कोर्ट में जाने की बात कही थी.

सरकार के गठन के खिलाफ कोर्ट में पहली याचिका बड़हरा के राष्ट्रीय जनता दल विधायक सरोज यादव और अन्य ने दायर की थी जबकि दूसरी याचिका नौबतपुर के समाजवादी नेता जितेन्द्र कुमार ने दायर की थी.

याचिकाकर्ता ने राज्यपाल के फैसले पर हैरानी जाहिर करते हुए कहा था कि सबसे ज्यादा विधायक राजद के होने के कारण पहले राजद को सरकार बनाने का न्योता दिया जाना चाहिए था, लेकिन नियमों को दरकार कर नीतीश कुमार को आमंत्रित कर लिया गया.

सभी पक्षों को सुनने के बाद हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस राजेंद्र मेनन और जस्टिस ए. के. उपाध्याय की खंडपीठ ने जनहित याचिकाएं खारिज कर दीं और कहा कि विधानसभा में शक्ति परीक्षण के बाद अदालत के हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है.

Comments

comments

loading...

LEAVE A REPLY