जेल में पिटा भीम आर्मी का चंद्रशेखर उर्फ़ रावण! जेल प्रशासन का इंकार

सहारनपुर. बीते दिनों सहारनपुर में हुई जातीय हिंसा के आरोपी चंद्रशेखर उर्फ़ रावण की जेल में जैम कर पिटाई हुई. भीम आर्मी के संस्थापक रावण के साथ-साथ संगठन के जिलाध्यक्ष कमल वालिया को भी धुना गया. भीम आर्मी का आरोप है कि उनकी बैरक में भी तोड़फोड़ की गई है.

इसके बाद गुरुवार को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में भीम आर्मी के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव किया और प्रशासनिक अधिकारियों को एक ज्ञापन सौंपकर जिला कारागार में संगठन के संस्थापक चन्द्रशेखर पर जानलेवा हमला होने का आरोप लगाया. उन्होंने प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर आवश्यक कार्रवाई की मांग है.

भीम आर्मी के जिला इकाई के कमल वालिया की मां ने चेतावनी दी कि ‘यदि इसी तरह दलित संगठन के निर्दोष लोगों पर हमला किया गया तो हम चुप नहीं बैठेंगे.’ पदाधिकारियों ने घटना पर जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग की और मांगे नहीं मानने पर आंदोलन करने की धमकी दी.

भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने डीएम और एसएसपी को चंद्रशेखर और कमल वालिया पर हुए जानलेवा हमले के बारे में सूचित किया. उनकी शिकायत के मुताबिक, तीन दिन पहले जिला जेल के बैरक नंबर-9 में बंद चंद्रशेखर आजाद पर हमला किया गया और बैरक में तोड़फोड़ भी की गई.

भीम आर्मी के सदस्यों का आरोप है कि यह सब जेल प्रशासन के इशारे पर हुआ. जेल में ही भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष कमल वालिया का भी उत्पीड़न हो रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि जिला जेल प्रशासन भीम आर्मी कार्यकर्ताओं पर जातिगत अत्याचार कर रहे हैं. प्रदर्शन के दौरान कमल वालिया की मां वहां मौजूद रहीं.

वहीं जेल अधीक्षक डा. वीरेश शर्मा ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया. उनका कहना है कि बैरक में चंद्रशेखर को अकेला रखा गया है. वहां कोई आता-जाता नहीं है. चंद्रशेखर पर किसी ने कोई हमला नहीं किया. यह गलत आरोप लगाए जा रहे हैं.

गौरतलब है कि सहारनपुर में भड़की जातीय हिंसा मामले में भीम आर्मी के मुखिया और पेशे से वकील चंद्रशेखर उर्फ रावण को 8 जून को गिरफ्तार किया गया था. रावण की गिरफ्तारी में उसकी गर्लफ्रेंड की अहम भूमिका रही थी. पुलिस ने रावण को उस वक्त गिरफ्तार किया था, जब वह गर्लफ्रेंड के साथ डलहौजी में घूम रहा था.

घटना के विरोध में भीम आर्मी के सदस्यों ने जिला मुख्यालय में प्रदर्शन कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है. ऐसा न होने की दशा में उन्होंने दलित समाज द्वारा आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी.

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