पूजा स्थल भी हो वास्तु शास्त्र के अनुसार

हर घर में पूजा का स्थान होता ही है. वास्तु शास्त्र के अनुसार पूजा स्थल की दिशा, उसकी जगह, किस धातु से बना है मंदिर आदि कुछ नियम होते हैं.

वास्तु के अनुसार बने घर में हमें सुख, समृद्धि एवं मनचाहे धन की प्राप्ति होती है. इसीलिए आजकल लोग पूजा स्थल वास्तु शास्त्र के अनुसार बनवाना पसंद करते हैं.

देवताओं की मूर्तियां पूजा घर के पूर्व या पश्चिम दिशा में होनी चाहिए.

मूर्तियों का मुख उत्तर या दक्षिण दिशा में नहीं होना चाहिए.

पूजा घर के खिड़की व दरवाजे पश्चिम दिशा में न होकर उत्तर या पूर्व दिशा में होने चाहिए.

वास्तु के अनुसार जिस जगह भगवान का वास रहता है, उस दिशा में शौचालय, स्टोर इत्यादि नहीं बनाए जाने चाहिए.

वास्तुशास्त्र के अनुसार बेडरूम में पूजा घर नहीं बनाना चाहिए.

पूजा घर के लिए प्राय: हल्के पीले रंग को शुभ माना जाता है, अतः दीवारों पर हल्का पीला रंग किया जा सकता है.

इन कुछ छोटी-छोटी बातों को ध्यान में रखकर पूजा घर बनाया जाना चाहिए. जो हमें सुख-समृ‍द्धि के साथ-साथ हमारे जीवन को खुशहाल और हमें हर तरह से संपन्न बनाते है.

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