सुशासन बाबू की छवि बचाने विधानसभा सत्र से पहले हटाए जाएंगे लालू के लाल

पटना. बिहार में कभी सुशासन बाबू के नाम से मशहूर रहे मुख्यमंत्री नितीश कुमार अपनी भ्रष्टाचार मुक्त छवि बनाए रखने के लिए, इसी हफ्ते शुरू होने जा रहे विधानसभा सत्र से पहले, चारा घोटाले में सज़ायाफ्ता लालू के बेटे और भ्रष्टाचार के आरोपी उपमुख्यमंत्री तेजस्वी को मंत्रिमंडल से हटा सकते हैं.

महागठबंधन पर छाए संकट के बादल बुधवार को और गहराने वाले हैं, क्योंकि जेडीयू और आरजेडी के विधायक अलग-अलग बैठक करने वाले हैं. नितीश कुमार ने भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद भी उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है.

तेजस्वी यादव ने अभी तक करोड़ों की अपनी बेनामी संपत्ति के स्रोत का खुलासा नहीं किया है. इस संबंध में उनकी तरफ से अब तक संतोषजनक सफाई भी नहीं आई है. ऐसे में पूरी संभावना है कि विधानसभा में भाजपा इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाएगी और तेजस्वी के इस्तीफे की भी मांग करेगी.

ऎसी स्थिति में अपनी भ्रष्टाचार मुक्त छवि को लेकर बेहद सजग नितीश कुमार किसी भी सूरत में भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे अपने मंत्री का बचाव कर सकने की हालत में नहीं हैं.

अपने लंबे राजनीतिक करियर में नितीश कुमार ने कभी इस तरह का राजनीतिक संकट नहीं झेला है. अब उनकी बेदाग छवि पर सवाल उठाए जा रहे हैं. जदयू महासचिव के सी त्यागी ने संकेत दिया है कि अपनी स्वच्छ छवि को बनाए रखने के लिए नीतीश जी पटना में कुछ सख्त कदम उठा सकते हैं.

त्यागी ने कहा कि तेजस्वी या किसी भी वरिष्ठ आरजेडी नेता ने अब तक इन गंभीर आरोपों पर संतोषजनक सफाई नहीं दी है. उन्होंने यह तक कह दिया कि हम महागठबंधन को यूपीए-2 नहीं बनने दे सकते हैं.

गौरतलब है कि यूपीए 2 की सरकार में कई मंत्रियों पर लगातार भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगते रहे, लेकिन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया था जिसके चलते कांग्रेस को लोकसभा चुनावों में शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा था.

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