बिहार महागठबंधन की टूट के बाद, अब आगे क्या?

बिहार में महागठबंधन तो टूट गया, और मुद्दा बना लालू परिवार का भ्रष्टाचार. अब आगे क्या होगा? आगे का मतलब बिहार में बनने वाली सरकार के बारे में नहीं कह रहा, क्योंकि वो तो जाहिर है कि नई सरकार को बीजेपी का बैकअप रहेगा. पर आगे बहुत कुछ होना है अभी…

मैं यहाँ मोदी जी के ट्वीट की बात (जिसमें नितीश को भ्रष्टाचार के खिलाफ कदम उठाने के लिए बधाई दी है) को ही आगे बढ़ाना चाहूँगा …

अब इसके बाद जो बड़ी बात आप सुनेंगे और जल्द ही सुनेंगे… जिसका इंतजार आपने सरकार बनने के साथ ही करना शुरू कर दिया था… और वो बड़ी बात थी कांग्रेसी दामाद रॉबर्ट वाड्रा पर शिकंजा कसना… वो रॉबर्ट वाड्रा जो भारत को अब भी banana republic ही समझता है.

अब सुनिए कि उसका मामला कहाँ तक पहुँचा है… रॉबर्ट वाड्रा का एक बिजनेस पार्टनर है संजय भंडारी, जिसे इनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) ने गर्दन से पकड़ रखा है…चारों ओर से घेर रखा है. इन भंडारी महोदय से जिस कड़ाई से पूछताछ हो रही है, ये महाशय रोज नये-नये खुलासे कर रहे हैं… अंदर की बातें बता रहे हैं.

हवाला मामले में पहले तो इनकी 21 करोड़ की प्रॉपर्टी को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने prevention of corruption act के तहत अटैच कर दिया है. इस मामले में 10 साल तक की जेल की सज़ा का प्रावधान है.

भंडारी ने पूछताछ में बहुत कुछ उगला है, सारी बातें… जितनी बातें पेट में थी… रॉबर्ट वाड्रा की दुबई, लंदन और कई देशों की संपत्तियों की जानकारी ईडी को दी है जिसकी जाँच तेजी से चल रही है.

लंदन के बेहद महँगी जगह ब्रेक्सटॉन स्क्वायर में रॉबर्ट वाड्रा के एक आलीशान बंगले की जानकारी भी भंडारी ने दी है जिसे खरीदने के लिए पैसे के लेन-देन में बरती गई अनियमितता के बारे में भी ईडी को बताया है.

जैसा कि सभी को पता है कि अगले चुनाव के बाद भी बीजेपी ही आनी है सत्ता में, तो ये बातें भंडारी को भी निश्चित ही पता होगी… और वो नहीं चाहेगा कि उसे रगड़ दिया जाए… क्योंकि अब उसे कांग्रेस तो बचाने आएगी नहीं?

उधर हरियाणा-राजस्थान में भी कांग्रेस अध्यक्ष के दामाद रॉबर्ट वाड्रा की संपत्तियों की फाईलें महीनों पहले से जाँच एजेंसियों के निगाहों में है… उस समय के अधिकारियों को एक-एक करके लाइन हाजिर किया जा रहा है.

कहने का मतलब ये कि अब चूँकि नितीश और मोदी साथ आ गए हैं जो भ्रष्टाचार के विरुद्ध खड़े हैं… और कांग्रेस खुल कर भ्रष्टाचारी लालू परिवार के साथ खड़ी है तो… अब ये निश्चित मान लें कि अगला आम चुनाव का मुद्दा भी भ्रष्टाचार के इर्द गिर्द ही घूमेगा.

संभवतः वही मौका होगा जब कांग्रेस और विपक्ष, रॉबर्ट वाड्रा के भ्रष्टाचार के मुद्दे पर देश की आम जनमानस के दिलों में खलनायक बनेंगे क्योंकि ‘हम साथ साथ हैं’ की तर्ज पर वे एक दूसरे का हाथ छोड़ेंगे नहीं…

और यदि कुछ क्षेत्रीय दल उनका साथ छोड़ते हैं तो यह बीजेपी गठबंधन के लिए अनुकूल होगा… और वे क्षेत्रीय दल विपक्ष को छोड़कर जाएँगे कहाँ? मोदी के साथ आएँगे… इसमें अब संशय कहाँ है?

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