क़ुरान में जिस ‘जन्नत के पौधे’ का ज़िक्र, वो है तुलसी!

नई दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े मुस्लिम संगठन मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के मुताबिक़ कुरान में जिस जन्नत के पौधे का ज़िक्र है, वह असलियत में तुलसी का पौधा है. मंच अब मुस्लिमों को जन्नत के पौधे ‘रेहान’ की सचाई बताएगा.

मुस्लिम राष्ट्रीय मंच सितंबर और अक्टूबर में देश के हर कोने में यह अभियान चलाएगा, जिसके तहत घर-घर जाकर मुस्लिमों से तुलसी का पौधा लगाने को कहा जाएगा.

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संघ के वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश कुमार ने कहा है कि, ‘हर मुस्लिम के घर पर स्वर्ग यानी जन्नत का पौधा होना चाहिए. कुरान में रेहान का ज्रिक है, लेकिन मौलाना इस बात को छुपाते रहे हैं और नफरत फैलाने का काम करते रहे हैं.’

इंद्रेश कुमार ने कहा, ‘रेहान अरबी भाषा का शब्द है, जिसे अंग्रेजी में बैजल और हिंदी में तुलसी कहते हैं. भाईचारे की बजाय नफरत को बढ़ावा देने वाले लोग तुलसी को हिंदू से जोड़ते हैं और इस तरह प्रचार करते हैं कि जैसे तुलसी सिर्फ हिंदुओं का ही है और मुस्लिमों को इससे दूर रहना चाहिए.’

उन्होंने कहा कि मंच के लोग घर-घर जाकर मुस्लिमों से कहेंगे कि घर के भीतर और घर के बाहर जन्नत का पौधा तुलसी होना चाहिए. इंद्रेश ने कहा, ‘घर के अंदर तुलसी का पौधा दवाई के तौर पर काम आता है, साथ ही हवा को शुद्ध करता है. घर के बाहर तुलसी प्रदूषण दूर करेगी, इसलिए घर जन्नत जैसा बनेगा.’

मुस्लिम राष्ट्रीय मंच का जिला स्तर पर तुलसी बांटने का कार्यक्रम चलाने का भी विचार है. साथ ही जिस जगह पर रेहान यानी तुलसी का जिक्र है, उसकी व्याख्या भी लोगों को पर्चे के तौर पर दी जाएगी. इससे उन्हें पता चल सके कि जन्नत का पौधा तुलसी है.

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