विज्ञान भैरव तंत्र विधि : जगत है केवल एक लीला

“यह तथाकथित जगत जादूगरी जैसा या चित्र-कृति जैसा भासता है. सुखी होने के लिए उसे वैसा ही देखो.‘’ अगर तुम दुःखी हो तो इसलिए कि तुमने जगत को बहुत गंभीरता से लिया है. और सुखी होने का कोई उपाय मत खोजो, सिर्फ अपनी दृष्‍टि को बदलो. गंभीर चित्त से तुम सुखी नहीं हो सकते. उत्‍सव … Continue reading विज्ञान भैरव तंत्र विधि : जगत है केवल एक लीला