देश को बर्बाद करने के लिए NGO सिर्फ देश में ही नहीं विदेशों में भी सक्रिय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान अमेरिका ने कश्मीरी आतंकवादी सैयद सलाउद्दीन को ग्लोबल टेररिस्ट घोषित किया. भारत काफी समय से अमेरिका से मांग करता आया है कि पाकिस्तान को आतंकवादी देश घोषित किया जाये.

अमेरिका द्वारा हाफिज़ सईद, सैयद सलाउद्दीन को आतंकवादी घोषित करना महत्वपूर्ण है, बेहद महत्वपूर्ण. दरअसल अमेरिका जब इन दुष्टों को आतंकवादी घोषित करता है तो अपनी जमीन से इनको मिलने वाली फंडिंग पर रोक लगाता है. आतंकवाद को फलने-फूलने के लिए पैसा चाहिए, ढेरों पैसा.

अमेरिका में बहुत से संगठन सक्रिय होते हैं जो अमेरिकी जनता, कश्मीरी, पाकिस्तानी जनता से, अमेरिकी मुस्लिम भाइयों से चंदा वसूलते हैं और आगे आतंकवादी संगठनों को ट्रांसफर करते हैं.

जब अमेरिका किसी व्यक्ति, किसी संगठन को आतंकवादी संगठन घोषित करता है तो मूलतः वह अपनी ज़मीन से इनको मिलने वाले पैसों पर रोक लगाता है. इन संगठनों, व्यक्तियों के बैंक अकाउंट को जब्त करता है.

इसीलिए अमेरिका द्वारा आतंकवादी घोषित किये जाने के बाद ये संगठन अपना नाम बदलकर फिर अपना काम शुरू कर देते हैं.

सलाउद्दीन को ग्लोबल टेररिस्ट घोषित करने के पीछे वजह ये भी है कि अमेरिका आतंकवादियों की कैटेगरी तय करता है, उस हिसाब से बैन लगाता है. अन्य राष्ट्रों से उनके बारे में सूचना शेयर करता है. उनकी गतिविधियों के बारे में वार्निंग जारी करता है.

इसीलिए भारत को अमेरिका के हाथ-पैर जोड़ने पड़ते हैं. इन संगठन, व्यक्ति और हो सके तो इस देश को ही आतंकवादी देश घोषित करो. फंडिंग बंद करो. इसके नाम पर चंदा बटोरने पर रोक लगाओ.

देश को बर्बाद करने के लिए NGO सिर्फ देश में ही नहीं अमेरिका, योरोप, ब्रिटेन में भी सक्रिय हैं. आशा है अगली बार सरकार की ऐसी मांग का मज़ाक उड़ाने से पहले थोड़ा विचार करेंगे.

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