सरकारी ऑफिस एक यहाँ एक वहां

पिछले कुछ अर्से से मै अमेरिका में निवासरत हूँ, आज एक सरकारी काम की वजह से यहाँ के सरकारी ऑफिस में जाने का मौका मिला, अमेरिका में SSN यानि सोशल सिक्योरिटी नंबर हर उस शख्स को लेना जरुरी है जो यहाँ लीगल तरीके से निवासरत है, सो मुझे भी लेना ज़रूरी था.

जब ऑफिस पंहुचा तो दिमाग में भारतीय सरकारी कार्यालय की काम करने की सोच दिमाग में थी, मैंने फॉर्म लिया और भरा.वेटिंग एरिया में कम से कम १०० लोग जमा थे. सारे गोरे और स्पेनिश लोग.

बड़ी मुश्किल से एक वतन वाला भाई निकला मैंने उस से कहा भाई फॉर्म देख लो ठीक तो भरा है न ? उसने फॉर्म लिया और बोला हाँ बिलकुल ठीक भरा, उस से बातचीत में पता पड़ा की वो पिछले ३ साल से यहीं है और अभी पढाई पूरी की है. मैंने उस से कहा “यार मै यहाँ नया हूँ मुझे बताना जब मेरा नंबर बुलाये क्युकी यहाँ के एक्सेंट की आदत नहीं है मुझे.

मेरा नंबर आया और उसने बोला जाओ आपका नंबर आ गया गेट पर वेट करो. मै सीधे गेट पर पंहुचा तो गेट बंद था मैंने खोलने की कोशिश की तो सिक्योरिटी वाला बोला ” please  wait  here ” अचानक दरवाज़ा खुला तो मै सीधे अंदर बिना कुछ देखे की कोई मेरी अगवाई में खड़ा है . मैंने जब देखा तो होश उड़ गए कम से ४०० लोग वहाँ बैठे थे. दिमाग में कलेक्टर  ऑफिस वाली feeling घूम गयी की अब इस से पूछो तो वो बोलेगा उस के पास. बस चक्कर काटो.

इतने में मुझे एक महिला की आवाज़ आयी. “Sir, If you are carrying token no 149 please come with me ”

मैं उसके पीछे पीछे चल पड़ा. सोचा ये कोई रिप्रेजेन्टेटिव है जिसका काम सिर्फ लोगो को उनकी जगह पर पहुँचाना है.

एक निश्चित जगह पर पहुंच के बोली ” Sir please take your seat ” मै बैठ गया दिमाग में अब नया नया लग रहा था की सरकारी ऑफिस ऐसे भी होते है. मै वेट करने लगा की कोई सामने अधिकारी आएगा और मुझसे बात करेगा. कुछ मिनिट बाद वही महिला मेरे सामने बैठी थी. मै आश्चर्यचकित रह गया. की कोई अफसर ऐसा भी हो सकता है ? हमारे यहाँ तो अफसर अपनी कुर्सी से हिल जाएँ तो बड़ी बात होती है .

पूरी कार्यवाही में १० मिनट लगे और उसने मुझे रिसीप्ट दी. पूरी रिसीप्ट का मतलब समझाया. और  मेरा चेहरा देखकर मुझसे पूछा   “do you understand sir ? “.मैंने जवाब दिया ‘ Yes I do ”

मेरा काम १० मिनिट में पूरा मै कुर्सी से उठा और जाने लगा तो वो भी अपनी कुर्सी से उठी और कहा” please wait I will drop you to the gate ”
मैंने कहा” I will go no problem at all”

जवाब आया ” Sir You are visiting us its a great privilege to us. its our duty to take care of you ”

उसने मुझे वापस दरवाजे तक छोड़ा और बोला ” have a good day sir. it was pleasure to meet you”

मैं जब बहार आया तो बड़े असमंजस में था क्या कभी ऐसा भारत में हो सकता है? हमारे देश में ये सपना है कि आम आदमी को भी अदब से किसी सरकारी ऑफिस में ऐसा ट्रीटमेंट मिले. खास को तो सरकारी ऑफिस में जाने की जरुरत ही नहीं है.

– वैभव रेगे

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