शिकंजे में लालू कुनबा : अब मनी लॉन्ड्रिग केस में बेटी-दामाद पर ED का छापा

नई दिल्ली. चारा घोटाले में सज़ायाफ़्ता लालू प्रसाद यादव से जुड़े 12 ठिकानों पर छापे के अगले ही दिन प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उनकी बेटी मीसा और दामाद शैलेष के दिल्ली स्थित तीन ठिकानों पर छापा मारा है.

खबरों के अनुसार यह छापे मनी लॉन्ड्रिग केस में दिल्ली के बीजवासन, सैनिक फार्म और घिटोरनी में मारे गए हैं. बता दें कि इन छापों का लालू यादव के यहां पड़े छापों से संबंध नहीं है. ईडी ने फर्जी कंपनियों से काले धन को सफेद करने के मामले में मारे हैं.

दिल्ली में सुबह करीब 9.30 बजे ईडी मीसा भारती के फॉर्म सहित तीन ठिकानों पर पहुंची. बताया जा रहा है कि करोड़ों के बेनामी संपत्ति मामले में ही यह कार्रवाई हुई है.

मनी लॉन्ड्रिग के इस मामले में ईडी पहले ही शैलेष के सीए राजेश अग्रवाल को गिरफ्तार कर चुकी है और उसके द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर यह छापे मारे गए. दावा है कि जरूरत पड़ने पर ईडी मीसा भारती और उनके पति शैलेष को गिरफ्तार कर सकती है.

बेनामी संपत्ति के इस मामले में मीसा भारती और उनके पति शैलेष 21 जून को आयकर विभाग के सामने पेश हुए थे. दोनों से घंटों पूछताछ भी हुई थी.

गौरतलब है कि लालू यादव सहित उनके करीबियों के 12 ठिकानों पर सीबीआई ने शुक्रवार को छापेमारी की थी. सीबीआई ने पुरी में रेल मंत्रालय के तहत आईआरसीटीसी द्वारा संचालित चाणक्य बीएनआर होटल के लिए जारी टेंडर में धांधली को लेकर मामला दर्ज किया है. उस दौरान 2006 में लालू रेलमंत्री थे.

घर और करीबियों के ठिकानों पर छापेमारी के बाद लालू यादव ने एक के बाद एक तीन प्रेस कॉन्फ्रेंस की. लालू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, यह कार्रवाई नरेंद्र मोदी, अमित  शाह और आरएसएस के इशारे पर की गई. वह डरने वाले नहीं है. मिट्टी में मिलने तक संघर्ष करते रहेंगे.

लालू यादव पर सीबीआई के छापे पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने इसे बदले की कार्रवाई कहा. वहीं, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पूरे मामले में चुप्पी साधे रखी है.

इस बीच कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लालू के ठिकानों पर छापेमारी की पूर्व सूचना प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा दी गई थी. हालांकि जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता केसी त्यागी ने इसका खंडन करते हुए कहा है कि यह नीतीश कुमार को बदनाम करने की साजिश है. क्या सीबीआई को पीएमओ चला रहा है कि उन्हें छापेमारी की जानकारी थी. मुख्यमंत्री की तबीयत खराब है और वे इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते.

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