कुछ करना है तो छोड़ो माला-मंच-माइक का मोह

युद्ध क्षेत्र (war zone) में अंधेरे में सिगरेट पीना मना होता है, या फिर जो पीते हैं उसको बहुत छुपाकर पीते हैं. लेकिन ज़्यादातर मना ही होता है क्योंकि सिगरेट जलाते वक़्त ज्वाला, या फिर जलती सिगरेट दूर से दिख जाती है.

आप आसानी से निशाना बन जाते हैं. इसलिए लोग सिगरेट नहीं पीते, कितनी भी तलब उठे. कोई भी इस तलब को लेकर अपनी जान और अपने साथ औरों की जान को खतरे में नहीं डालना चाहता. ऐसे लोगों को बर्दाश्त भी नहीं किया जाता.

किसी सैनिक को जानते हैं तो तसदीक कर लीजिये इस बात की.

कैमरा से परहेज़ करना चाहिए गौरक्षकों को. शत्रु, शत्रु ही है. मीडिया उसकी बंदूक और कानून उसकी गोली.

बहुत ऐसे फोटो और वीडियो देखता हूँ जहां लोग शिकारियों के अंदाज में पोज़ देकर शस्त्र समेत फोटो खिंचवाते हैं और Whatsapp पर डालते हैं. और कुछ ऐसे भी वीडियो देखे हैं जहां विधर्मियों ने इस तरीके से फोटोग्राफ्स लिए हैं कि उनका चेहरा न दिखाई दे.

हाल ही में एक जगह (नाम नहीं ले रहा हूँ, और आप भी न लें) मंदिर की जगह पर मजार बनाकर क्लेम करना चाहा था, वहाँ झड़प हुई और तीखी हुई. हिंदुओं ने करारा जवाब दिया.

लेकिन यहाँ महामूर्ख लोगों ने भीड़ कर दी और हर कोई वीडियो बनाने में लगा था – मेरा वीडियो अलग से बनाऊँगा, हट के होगा, एकदम आईफ़ोन 7 वाला क्लियर होगा – और फटाफट सब ने whatsapp पे डाल भी दिये.

भाई, समझ भी रहे हो क्या मूर्खता की है आप ने?

3M – माला, मंच, माइक – का मोह छोड़ो, माला कब हार बन कर आप के प्रेत को पहनाई जाएगी पता भी नहीं चलेगा. वीर, बड़ाईवीर नहीं होते. शेर का शिकार होता है, जितना बड़ा शेर उतना उसे सभी मारना चाहते हैं.

समझने वाले समझ लें, बाकी जो है सो है ही.

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