चीन के ढाई करोड़ ‘मुसलमान’ संकट में, जबरदस्ती हो रहा है DNA परीक्षण

जब से इसराईली ख़ुफ़िया एजेन्सी “मोस्साद” ने 28 मार्च 2017 को इस जानकारी का पर्दाफाश किया है कि चीन में रहने वाले ‘तीन हजार’ मुसलमान आतंकवादी सीरिया के गृह युद्ध में अल कायदा के सिपाही बन कर युद्ध कर रहे हैं, चीन सरकार की नींद उड़ गई है. उसने “झिंगजियांग” प्रान्त में रह रहे सभी मुसलमानों का अनिवार्य रूप से DNA परीक्षण चालू कर दिया है.

इसके लिये इनका खून का नमूना, मुंह की लार और बालों के सेम्पल जबरदस्ती इकठ्ठे किये जा रहे हैं. अब चीन ने पाकिस्तान के जबरन कब्जा करके रखे काश्मीर की सीमा से सटे झिंगजियांग प्रान्त में रह रहे लगभग ढाई करोड़ मुसलमानों पर जुल्म ढहाना शुरू कर दिया है. इन मुसलमानों को “उइघूर”(UYGHUR) कहा जाता है.

चीन द्वारा ‘उइघूर’ नामक इन मुसलमानों पर सख्ती से दमन की कार्यवाही शुरू कर दी गई है. अब चीन के यह मुसलमान बढ़ी हुई दाढ़ी नहीं रख सकते हैं, उनकी औरतें बुर्का पहनकर घर के बाहर नहीं निकल सकती हैं. इन लोगों के वाहनों पर अनिवार्य रूप से सेटेलाईट ट्रेकिंग प्रणाली लगा दी गई है, जिससे कि इन लोगों के आवागमन पर उपग्रह की नजर से निगरानी रखी जा सके.

अब हर मुसलमान को चीन में अपनी ऊंगलियों के निशान के अलावा अपनी आवाज का नमूना भी रिकार्ड कराना पड़ रहा है, जिससे कि जरूरत पड़ने पर उनके फोन की आवाज से खुफियागिरी करके यह पहचाना जा सके कि अमुक आवाज किसकी है.

इतना ही नहीं अब चीन में रमजान के महिने में लोगों के उपवास पर पाबन्दी लग गई है. उन्हें जबरदस्ती दिन में शीतल पेय पिलाया जा रहा है. मस्जिदों में अजान के समय ‘लाउडस्पीकर’ के उपयोग पर भी प्रतिबन्ध लग गए हैं. और तो और अब चीन के यह अभागे मुसलमान अपने बच्चों के नाम मोहम्मद, खान या अली जैसे नहीं रख सकते है. यह जानकारी अरब देशों के ‘अरब न्यूज’ जैसे अखबारों में मई 2017 के महिने में विस्तार से छपी है.

समाचार है कि जैसे ही इसराईली ख़ुफ़िया एजेंसी से सीरिया में लड़ रहे चीन के मुस्लिम आतंकियों के समाचार मिले, तुरन्त चीन ने अमेरिका से 87 लाख डॉलर की कीमत का “DNA टेस्टिंग ” के उपकरण खरीद लिये. इस मशीन से एक दिन में दस हजार लोगों के ‘डी एन ए ‘ की जांच हो जाती है. कहा जाता है कि ISIS की करारी हार के बाद सीरिया में लड़ रहे इन चीनी जिहादियों को चीन चाहता है कि वहीं सीरिया की जमीन में ही दफनाया जाए.

चीन नहीं चाहता कि उसका कोई भी जिहादी लौटकर चीन की सीमा में घुसे. इसलिये चीन अपने यहाँ रह रहे सभी मुसलमानों का डेटा बेस तैयार कर रहा है. बताया जा रहा है कि सीरिया के युद्ध में मारे जा रहे सभी आतंकवादियों के शव से “डी एन ए ” के लिये सेम्पल लिये जा रहे हैं. अब भविष्य में जो भी आतंकी चीनी मुसलमान, चीन में जिन्दा या मुर्दा जावेगा तो उसके ‘डी एन ए ” के सेम्पल से वहां के रहने वाले जिस परिवार के ‘डी एन ए ‘ के डेटा से उसका मिलान हो जावेगा तो उस पूरे परिवार को आतंकी मान कर सजा दी जावेगी.

“उइघूर” कहलाने वाले चीन के झिंगज्यांग प्रान्त के इन मुसलमानो ने सीरिया में “जबत फतह अल शाम” के नाम से अल कायदा को मदद की थी. बाद में अल कायदा के साथ मिलकर ” अल नुरसा फ्रन्ट ” बना लिया. “उइघूर वर्ड कांग्रेस ” की यूरोप में शरणार्थी बन कर रहने वाली अध्यक्ष ” रीबिया कादीर” के अनुसार चीन अब मुसलमानों के लिए नर्क बन चुका है.

आगे आने वाले समय में चीनी हुक्मरानों के दमन का शिकंजा और अधिक कहर ढ़ायेगा. अपने को मुस्लिम जमात का मसीहा मानने वाले पाकिस्तान को भारत में एक्का दुक्का साम्प्रदायिक घटनाओं को लेकर पूरी दुनिया में बिलबिलाने का मौका मिल जाता है. पर पाकिस्तान और उसके ऐजन्ट “आजम खान ” जैसे लोगों को चीन में मुसलमानों पर हो रहे अत्याचारों की खबर सुनकर उनके कानों पर कोई” जूं ” तक नहीं रेंगती.

Comments

comments

loading...

LEAVE A REPLY