TOTAL firmness combined with TOTAL fairness

आज भूतपूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर की याद आई. ईद ने याद दिलाई. प्रारम्भ के दिनों में मैं ब्लेयर का प्रशंसक था. पर ईराक़ पर हमला करने के लिए WMD के झूठे बहाने का इस्तेमाल, बुश का अंधा समर्थन और सबसे अधिक राजनीतिक दबाव के परिणाम स्वरूप ईराक़ मामले से जुड़े एक वरिष्ठ ब्रिटिश वैज्ञानिक की आत्महत्या ने ब्लेयर के प्रति मेरे हृदय में वितृष्णा का भाव भर दिया.

पर ब्लेयर की नापसंदगी का अर्थ यह नहीं कि मैं उनके गुणों को पूरी तरह नज़रअंदाज़ कर दूँ. ब्लेयर में कई गुण थे. पहला गुण – नेतृत्व करने की क्षमता. दूसरा – कठिन से कठिन बात को इस तरह कहना कि विरोधी भी उसे अप्रामाणिक न मान पाए.

Even though you had a low opinion of his authenticity, you were still persuaded to believe that what he said was authentic! यह दुर्लभ गुण है और बहुत कम लोगों को हासिल है.

ब्लेयर ने एक बात पन्द्रह वर्ष पूर्व स्पष्टता से कही, तब जब इतनी स्पष्टता से और बिना किसी पूर्वाग्रह के ऐसी बात कहने का किसी के पास नैतिक साहस नहीं था.

ब्लेयर सस्ते और आलसी राजनीतिक मुहावरों और टोटकों में नहीं फँसे. टोटके – जैसे आतंक का कोई धर्म नहीं, या आतंकवाद सिर्फ कुछ सिरफिरों की कारस्तानी है आदि.

इस्लामी फासीवाद और जिस विचारधारा की खेत की यह उपज है – उसको ब्लेयर ने बिना झिझक एक वैज्ञानिक की तरह पकड़ा और पूरी स्पष्टता से बिना लाग लपेट के पर साथ ही बिना किसी साम्प्रदायिक पूर्वाग्रह के सामने रखा. बिलकुल एक कुशल सर्जन की भाँति. बिना मोहमाया और पूर्वाग्रह के. दोनों ही मदिरा हैं – आपकी सोचने की क्षमता को कुंद करती हैं.

9/11 की घटना और उसकी अमरीकी प्रतिक्रिया के बाद यहाँ लंदन और बर्मिंघम में जुलूस निकले थे जिनमें ओसामा के पक्ष में नारे लगे थे.

ब्रिटेन बहुत उदार देश है. यहाँ आप किसी का भी मखौल उड़ा सकते हैं. रानी का, पोप का, यहाँ तक कि ईसा का. यहाँ कोई नाक भौं नहीं चढ़ाएगा.

तो लोगों ने सोचा कि हम ओसामा ज़िन्दाबाद के नारे भी लगा सकते हैं. पर हुआ यह कि cctv footage में जो लोग ऐसा करते देखे गए, उन्हें पुलिस ने धरा.

ब्लेयर ने स्पष्ट संदेश दिया : मुसलमान इस देश में औरों की तरह बराबर के नागरिक हैं. उन्हें वे सब नागरिक अधिकार प्राप्त हैं जो दूसरों को मिले हुए हैं. क़ानून के दायरे में वे जो चाहे कर सकते हैं. उन पर कोई भी साम्प्रदायिक हमला होगा उससे सख़्ती से निपटा जाएगा. पर यदि मुसलमान ब्रिटिश धरती पर रहते हुए आतंकवाद का समर्थन करेंगे तो वह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सरकार उन पर तुरंत आघात करेगी.

We will come down on them like a ton of bricks. You have total freedom but you cross the line and you have had it. You will not be allowed to use our freedom to undermine freedom itself. TOTAL fairness with TOTAL firmness.

हमारे लिए भी यही रास्ता है. Brute application of rule of law. मुसलमान हो या हिन्दू या कोई और, उस पर हमला या अत्याचार हो, हम सख़्ती से निपटें. पर आप मुहम्मद साहब का कार्टून बनाने वाले का सर क़लम करने वाले के लिए खुलेआम एक करोड़ का ईनाम घोषित करेंगे तो आप अंदर जाएँगे. आपका क़ानून दूसरों के क़ानून से अलग नहीं हो सकता. Religious supremacist philosophy will not be tolerated. मदरसों मे बच्चों की brainwashing नहीं चलेगी.

पर इसमें गाली गलौज और साम्प्रदायिक घृणा फैलाने की हरकतों के लिए जगह नहीं हो सकती.

इस्लामी फासीवाद सिर्फ इक्का दुक्का आतंकवादी घटना नहीं है. यह एक विचारधारा है जिसकी जड़ें बहुत व्यापक और मज़बूत हैं. इस बात से इनकार करना आत्मवंचना है.

आत्मवंचना और हकीकत से आँख मूँदने से सौहार्द्र नहीं बढ़ता, शंका और घृणा बढ़ती है. यही ज़हरीला काम हमारी सेकुलरता ने किया है.

पर इसका उत्तर cold surgical strike है, गाली गलौज और mindless घृणा नहीं जिसके शिकार बहुत सारे हिन्दुत्ववादी हैं. इनका हिन्दुत्ववाद इस्लामियों की फूहड़ और घटिया नकल है – भारतीयता से उसका कुछ भी लेना देना नहीं.

The key is Surgical Strike. With TOTAL firmness and TOTAL fairness.

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