पानी में तेल नहीं, दूध में शक्कर बन के ही बच सकेंगे आप

आज एक समाचार में पढ़ा कि जुनैद का गांव समाज इतनी दहशत है कि लोग अपने बच्चों को समझा रिये हैं… लोकल ट्रेन में मती जाओ, भीड़ से बचो, मेट्रो में सफर करो…

किसी से झगड़ा मत करो… भोत बुरा बखत चल लिया है… मोदी-योगी राज है… कहीं भी कोई पटक के पेल देगा इसलिए बच के रहो…

ऐसा प्रचार किया जा रहा है… Victim Play किया जा रहा है… खुद को पीड़ित प्रदर्शित किया जा रहा है…

भाई जान अब भी समस्या को समज नई रिये… जानते हैं भाई जान की समस्या क्या है… भाई चारे की जितनी मर्ज़ी बात कर लें भाई जान, समस्या ये है कि भाई जान बहुसंख्यक समाज के साथ घुल मिल नहीं सकते.

दूध में शक्कर की माफ़िक़ घुल नहीं सकते. पानी में तेल की तरह ऊपर तैरते रहेंगे. अलग थलग रहेंगे. कितनी भी घोल लो… कुछ देर लगेगा कि मिल गए. पर थोड़ी देर बाद फिर अलग.

इस्लाम दरअसल by design… पूरी planning के साथ, अपने अनुयायियों को शेष समाज से अलग रखता है. पहनावा, रंग रूप, मूंछ कटी दाढ़ी, छोटे भाई का पजामा और बड़े भाई का कुर्ता, सिर पे गोल जालीदार तुर्की टोपी…

और इनमें से कुछ भी न हो तो ज़ुबान… वो भी न हो तो इत्र, आंखों में काजल… कुछ न मिला तो पानी की बोतल, गिलास, सुराही ही अलग… कुछ न कुछ ऐसा ओढ़ पहन के रखो कि लोग तुमको पहचान लें कि तुम मुसलमान हो… सबसे अलग दिखो…

उसके बाद अपनी हरकतों से दुनिया भर की दुर्भावना अर्जित करो. जहां रहो वहां बवाल बलवा मचा के रखो… बवाल न मचा सको तो गंदगी ही मचा के रखो… जहां रहो वहां कानून व्यवस्था को तहसनहस करके रखो…

बहुसंख्यक समाज से सींग फंसा के रखो… उनसे हमेशा लड़ते झगड़ते रहो… उनके सामाजिक धार्मिक प्रतीकों का अपमान करो… सड़क पे सरेआम गाय काट के खाओ… पाकिस्तान की जीत पे पटाखे फोड़ो… हिंदुस्तान का झंडा जलाओ, पाकिस्तान का लहराओ…

अमर जवान ज्योति पे लात मारो… मने हर वो काम करो जिससे बहुसंख्यक समाज तुमसे वैमनस्य रखने लगे… बाकी जो रही सही कसर वो ISIS और बगदादी पूरी कर दें… दुनिया भर में हो रहा जिहादी आतंकवाद तुम्हारे लिए दुर्भावना अर्जित कर ही रहा है.

फिर ऐसे में किसी ट्रेन में भीड़ तुमको कूट दे तो victim play करो… झट पीड़ित पक्ष बन जाओ…

भाई जान, और कोई precaution काम नहीं करेगा… कोई सावधानी काम नहीं आएगी… बहुसंख्यक समाज की सद्भावना ही बचा सकती है… और कोई नही बचा पायेगा… पानी मे तेल नहीं, दूध में शक्कर बन के ही बच पाओगे आप.

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