अमेरिका पहुंचे प्रधानमंत्री, रक्षा व ऊर्जा साझीदारियां होंगी मज़बूत

वॉशिंगटन. अमेरिका के साथ भारत के संबंधों को गहरा बनाने की उम्मीद लिए और उन्हें नई दिशा देने का इरादा लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिन की यात्रा पर अमेरिका पहुंच गए हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका की दो दिवसीय यात्रा पर वॉशिंगटन पहुंच गए हैं. भारतीय समयानुसार रविवार की सुबह प्रधानमंत्री ज्वॉइंट बेस एंड्रूज हवाई अड्डे पर उतरे. भारतीय उच्चायुक्त नवतेज सरना अपनी पत्नी अवीना सरना के साथ दिल्ली में अमेरिका की उच्चायुक्त मैरी के लॉस कार्लसन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत किया.

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक साथ पांच घंटे गुजारेंगे जिसमें मुलाकातें, बैठकें तथा व्हाइट हाइस में आयोजित भोज होगा. ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद किसी विदेशी नेता के लिए व्हाइट हाउस में आयोजित होने जा रहा यह पहला रात्रिभोज है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन से कुछ ही घंटे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ने उन्हें ‘सच्चा मित्र’ बताया, जिसके साथ उन्हें सोमवार को ‘महत्वपूर्ण रणनीतिक मुद्दों पर विचार-विमर्श’ करना है.

इससे पहले प्रधानमंत्री के स्वागत में ज्वाइंट बेस एंड्रूज़ पर बड़ी संख्या में भारतीय समुदाय के लोग उपस्थित थे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से मुलाकात की और ऑटोग्राफ साइन किए. इसके बाद प्रधानमंत्री होटल विलार्ड इंटरकॉन्टिनेंटल पहुंचे. बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ये पांचवां अमेरिका दौरा है.

प्रधानमंत्री यहां दिग्गज कंपनियों के कार्यकारी अधिकारियों से मुलाकात करेंगे और भारतीय समुदाय को संबोधित करेंगे. मोदी 26 जून को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे.

पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की इस पहली मुलाकात पर दुनिया भर की निगाह टिकी हुई है. भारत तथा अमेरिका के बीच रक्षा व ऊर्जा साझीदारियों को मजबूत किया जाना बातचीत का बेहद अहम हिस्सा होगा.

अपनी यात्रा से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्रंप प्रशासन के साथ बहु-स्तरीय और विस्तृत साझीदारी बनाने के लिए दूरंदेशी दृष्टिकोण स्थापित करने की मंशा ज़ाहिर की थी.

फोन पर एक-दूसरे से तीन बार बात कर चुके राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच सोमवार को पहली बार आमने-सामने मुलाकात होगी. बातचीत के दौरान तीन मुद्दों पर खास ध्यान दिए जाने की उम्मीद की जा रही है – रक्षा, आतंकवाद और ऊर्जा.

अमेरिका द्वारा भारतीय नौसेना को 22 गार्जियन गैर-हथियारबंद ड्रोन विमानों की बिक्री को मंज़ूरी दिया जाना इस यात्रा का खास पहलू होगा, क्योंकि यह सौदा कई सालों से अटका हुआ था. 2-3 अरब अमेरिकी डॉलर का यह सौदा इस बात का सबूत होगा कि अमेरिका के लिए भारत ‘बड़ा रक्षा साझीदार’ है, जबकि अमेरिका पहले से ही भारत का सबसे बड़ा हथियार आपूर्तिकर्ता है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा ऊर्जा साझीदारी पर ज़ोर दिए जाने की उम्मीद है, और इत्तफाक है कि यह यात्रा उस समय हो रही है, जब अमेरिका में ऊर्जा सप्ताह मनाया जा रहा है.

व्हाइट हाउस अधिकारियों का कहना है कि भारतीय ऊर्जा कंपनियों ने अरबों अमेरिकी डॉलर के तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) के सौदों पर दस्तखत किए हैं.

दोनों नेता अपनी वार्ता के खास पहलुओं के बारे में जानकारी देते हुए बयान जारी करेंगे. लेकिन जलवायु परिवर्तन, पेरिस समझौते तथा आव्रजन नियंत्रण के मुद्दों पर कतई अलग-अलग विचार रखने वाले दोनों नेताओं ने पत्रकारों के सवाल-जवाब सत्र से परहेज़ किया है.

तीन देशों की विदेश यात्रा के दौरान अमेरिका पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यात्रा में सबसे पहले दुनिया की बड़ी कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ ब्रेनस्टॉर्मिंग सत्र में शिरकत करेंगे. 200 साल पुराने विल्लार्ड होटल में आयोजित होने जा रहे इस सत्र में अमेज़न के प्रमुख जेफ बेज़ोस, एप्पल के टिम कुक, माइक्रोसॉफ्ट के सत्या नडेला और गूगल के सुंदर पिचाई के भी शामिल होने की संभावना है.

माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री इन सीईओ को उन कदमों के बारे में जानकारी देंगे, जो उनकी सरकार ने निवेश को प्रोत्साहित करने तथा प्रक्रियाओं को सरल करने के लिए भारत में उठाए हैं, जिनमें एकल कर प्रणाली जीएसटी भी शामिल है, जो 1 जुलाई से लागू होने जा रही है.

इसके बाद वह बेहद नज़दीक वर्जीनिया के निकट एक इलाके में आयोजित स्वागत भोज में भारतीय समुदाय के लोगों से मिलेंगे. गौरतलब है कि अमेरिका में लगभग 40 लाख भारतीय अमेरिकी बसते हैं, और लगभग 1,66,000 भारतीय विद्यार्थी यहां पढ़ाई भी कर रहे हैं.

प्रधानमंत्री के दौरे के समय वॉशिंगटन में भारतीय राजदूत नवतेज सरना एक कार्यक्रम की मेजबानी करेंगे, जिसमें भारतीय समुदाय के करीब छह सौ नेता शिरकत करेंगे. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात के बाद पीएम मोदी 27 जून को नीदरलैंड के लिए रवाना हो जाएंगे.

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