इस व्यवस्था के लिए जितना गुस्सा आता है, उतना ही सम्मान भी

लंदन में गाड़ी चलाना बहुत ही कठिन लगता है. नियम हैं, ट्रैफिक लाइट है, व्यवस्था है, गाड़ियाँ लेन में चलती हैं… पर मैं लंदन में गाड़ी चलाने से डरता ही हूँ. जिसने मेरठ और राँची में गाड़ी चलाई हो, उसके लिए लंदन की व्यवस्थित ट्रैफिक से डरना कुछ अजीब है. पर इसी डर से मैंने पहले तीन साल कार खरीदी ही नहीं.

घर हॉस्पिटल के बगल में था, सेन्सबरी पास में थी… कहीं आना-जाना पैदल ही होता था, या फिर बस में. एक मित्र ने बहुत समझाया कि लाइसेंस तो ले लो, पर मैं बचता रहा.

आज निडर ड्राइवर हूँ, एक दिन में चार-चार सौ मील गाड़ी चलाई है, पर लंदन के अंदर घुसने से आज भी डरता हूँ. क्या पता कहाँ नो एंट्री हो, कहाँ नो राइट टर्न हो, कहाँ बस लेन हो, कहाँ कंजेशन चार्ज लगता हो… किस जगह से पेनल्टी टिकट आ जाये. सैकड़ों पौंड तो गलत पार्किंग के भर चुका हूँ… बहुत कोफ्त होती है…

पर जितना गुस्सा आता है, उतना ही सम्मान भी है कहीं इस व्यवस्था के लिए. जितनी गाड़ियाँ हैं सड़क पर, जितनी भीड़ है, जितनी पतली-पतली अठारहवीं सदी की सड़कें हैं कि अगर इतने नियम ना हों तो शहर बिल्कुल ही ठप्प पड़ जाए… लंदन एक शहर है जो बिल्कुल नियम-कानून के ही भरोसे चल रहा है.

भारत में इतनी अव्यवस्था है, इतनी असुविधाएं हैं… पर इसमें भी एक आजादी है, एक सुकून है… और हमें इस सुकून की आदत पड़ गयी है. जैसे एक उल्टे-पुल्टे होस्टल के अव्यवस्थित कमरे में रहने वाले लड़के को… पर जब बड़े हो जाओ, घर बसाने का समय हो… तो यह अव्यवस्था, यह सुकून नहीं चलता है. तब आदतें बदलनी ही होती हैं, चाहे कितनी भी कोफ्त हो…

GST पर लोगों के विचार पढ़े. विशेषज्ञ अर्थशास्त्रियों की समीक्षा से ज्यादा सुधी मित्रों के विचार महत्वपूर्ण हैं जिन्हें इसे यूज़ करना है… ज्यादातर मित्रों की सोच यही है, टैक्स भरने से ज्यादा बड़ी समस्या है टैक्स भरने की प्रक्रिया. नियम कानून का झंझट…

पर आदत की बात है…  भारत की सारी आज़ादी के बाद भी लंदन में गाड़ी चला ही रहा हूँ. बस-लेन पेनल्टी और पार्किंग टिकट फाइन देकर भी चला ही रहा हूँ… और चाहे कितनी भी गालियाँ दे लूँ, इससे बेहतर तरीका नहीं सूझता है कि ट्रैफिक चलती रहे.

व्यवस्था और प्रगति चाहिए तो थोड़ी आज़ादी की कुर्बानी देनी ही पड़ती है… और आदत भी पड़ ही जाती है… अनुशासन शादीशुदा जिंदगी की तरह होता है… झेल ही लेता है आदमी किसी तरह…

Comments

comments

loading...

LEAVE A REPLY