राष्ट्रपति चुनाव : बिखरा विपक्ष, कोविंद के समर्थन में आए नितीश

file photo

नई दिल्ली. राष्ट्रपति चुनाव में भाजपा ने बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद की उम्मेदवारी का ऐलान कर समूचे विपक्ष को सकते में डाल दिया था. कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल जहां अभी तक अपने उम्मीदवार के बारे में कुछ भी तय नहीं कर पाए हैं वहीं नितीश कुमार ने उन्हें करारा झटका देते हुए राम नाथ कोविंद का समर्थन करने का फैसला किया है.

बुधवार को कोविंद का समर्थन करने का फैसला कर नितीश कुमार ई अध्यक्षता वाले जेडीयू ने विपक्ष को एकजुट करने की कवायद को ठेंगा दिखा दिया है. नितीश कुमार के इस कदम को वामपंथियों ने विपक्षी एकता के लिए झटका बताया.

सीपीआई नेता डी. राजा ने इस पर प्रतिक्रया देते हुआ कहा कि राष्ट्रपति चुनावों को लेकर 17 विपक्षी पार्टियों के नेता एक साथ पिछले महीने एक बैठक में शामिल हुए थे. अब नितीश का कोविंद को समर्थन का फैसला विपक्ष की एकजुटता की कोशिशों को झटका है.

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति चुनाव में कुल 10,98,903 वोट हैं और उम्मीदवार की जीत के लिए 5,49,452 वोट चाहिए. इनमें से एनडीए के कुल 5,37,683 वोट पहले से हैं, यानी 48% से कुछ ऊपर.

रामनाथ कोविंद की उम्मीदवारी के बाद एनडीए, एआईएडीएमके, बीजेडी, टीआरएस, जेडीयू, वाईएसआर (कांग्रेस) के समर्थन के साथ कुल 62.7% वोटों का समर्थन हासिल कर चुका है.

इसके बावजूद सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी अब भी एक मज़दूत उम्मीदवार उतारने का दावा कर रहे हैं. येचुरी ने कहा है कि विपक्ष की तरफ से एक तगड़ा उम्मीदवार खड़ा किया जाएगा. आज संविधान की बुनियाद को बचाया जाए या आरएसएस के हिन्दू राष्ट्र को आगे बढ़ने दिया जाए. इसी सवाल पर मुकाबला होगा.

उधर, कांग्रेस पार्टी जेडीयू के फैसले पर सीधे तौर पर कुछ भी बोलने से बचती दिखी. पार्टी के प्रवक्ता मनीष तिवारी ने नितीश के फैसले पर कुछ नहीं बोला, सिर्फ इतना कहा, ‘गुरुवार की बैठक में प्रत्याशी और रणनीति पर विचार किया जाएगा.’

Comments

comments

loading...

LEAVE A REPLY