समय के आने में समय लगता है, तब तक ‘हाथ साफ़’ करते रहो

उन दिनों regular पढ़ाई के साथ मेरा काम होता था “हाथ साफ करना”.. competitive exams में… छुटपन से ही हमें उत्साहित किया गया था कि लड़ना सीखो, हज़ारों लाखों की भीड़ सामने खड़ी है.. तुम्हें जो चाहिए उस पर लाख लोग नज़र गड़ाए बैठे हैं.. अभी समय नहीं आया है तुम्हारा, पर समय आने तक जंग न लग जाए इसलिए अभी से practice जरूरी है..

बहुत से failure देखे हैं… बचपन से ही.. और किसी पर भी दुःख करना नहीं सिखाया गया.. लड़कर भी fail होना सीखो, कैसा लगता है महसूस करो… उससे आगे का रस्ता खुलेगा.. उत्साह मिला कितनी भी भारी असफलता हुई..

बचपन से सबसे बड़ी कमी थी कि मैं बोलता न था.. काम भर का भी नहीं.. स्कूल में भी नहीं.. 15 अगस्त या 26 जनवरी पर होने वाले programs में हिस्सा न लेता कि स्टेज पर सबकी निगाहें मुझपर रहेंगी..  इस झिझक को मिटाने के लिए मम्मी ने स्कूल प्रबंधन से बात करके 26 जनवरी के दिन प्रोग्राम में हिस्सा लेने वालों की लिस्ट में मेरा नाम शामिल करवा दिया था कि अगर प्रोग्राम में हिस्सा n ले तो कम से कम अंत में पुरस्कार पाने के लिए यूँ ही नाम पुकार लिया जाए और ये कम से कम स्टेज पर तो जाये, थोडा संकोच कम हो..मेरा नाम बुलाया गया… पर.. मैं न गया तो न गया..

पहला exam दिया सैनिक स्कूल का… fail… दूसरा exam दिया नवोदय विद्यालय का… fail… जबकि इसी नवोदय विद्यालय के exam में मेरी दीदी ने कानपुर शहर में girls के group में 2nd position हासिल की थी.. बाद में मैं Sunday-Sunday मम्मी के साथ दीदी से मिलने नवोदय जाता रहता और वहां का स्वादिष्ट भोजन करता रहता..

इसके बाद competition पर हाथ साफ करते रहने के क्रम में Railway-TTE का form भरा… fail… Airforce का form भरा.. Admit card ही नहीं आया… लोग कहते थे Airforce में बहुत लोगों का एडमिट card नहीं आता पता नहीं क्यों.. खैर..

शायद 11th में रक्षा मंत्रालय की Ordnance factories में अप्रेन्टिस के लिए vacancies आईं तो apply किया… exam दिया.. clear हुआ… interview हुआ… बस पिताजी का नाम पूछ्कर लौटा दिया गया.. अंतिम result ..failed…

बाद में सभी banks के clerical और officers posts के लिए apply किया… तब सभी banks अपने अपने अलग अलग exams लेते थे.. Ibps अस्तित्व में नहीं था… “लगभग सभी” banks के exam मैंने पास किये… मुझे याद है SBI clerical के interview में मुझसे “नक्सलवाद क्या है, इसके कारण और ख़त्म करने के उपाय” पूछे गए थे… बताया था ठीक से.. पर अंततः not selected..

Dena bank officers के interview में पृथ्वी की परिधि, Canara bank के interview में कुछ brain mapping का कोई सवाल पूंछा था.. Syndicate bank officers के interview में bank रेट, रेपो, reverse रेपो आदि पूछा गया..

अब तक का सबसे खतरनाक interview हुआ “Intelligence bureau” में… written exam इसका काफी सरल होता है, पर interview… 7 लोगों का पैनल बैठा था.. बीच में एक सरदार जी थे.. लगे पूछने north-east स्टेट्स के बारे में.. एक एक राज्य के बारे में… वहां local problems क्या हैं… नागालैंड की समस्या क्या है.. तुम्हे वहां disguise होकर रहना पड़े तो कैसे रहोगे… संविधान के बारे में बताओ… कानपुर की फैक्ट्रियों और उद्योग धंधों के बारे में बोलो… समस्या क्या है कानपुर की.. आदि तमाम प्रश्न…

अब तक करीब-करीब 13-14 written exam clear कर चुका हूँ और लगभग इतने ही सरकारी interview face किये हैं… ये सब इसलिए बता रहा हूँ कि अगर आप लगे हुए हैं तो धैर्य रखिये… अक्सर आप काबिल होते हैं, पर कहीं selection नहीं होता.. कितना भी हाथ पाँव मारो, नहीं होता… और… एक समय आता है, जब अपने आप selection हो जाता है.. उस समय का इन्तजार करो.. उस समय के आने में समय लगता है.. तब तक.. “हाथ साफ़” करते रहो…

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