आरंभ : द्रविड़-आर्यों की झूठी लड़ाई पर आधारित सीरियल से आपका बच्चा सीखेगा झूठा इतिहास

जब सोये हुए हिंदुओं को सैकड़ों साल की मुग़ल गुलामी नहीं जगा सकी तो मुट्ठी भर कलमवीर क्या कर लेंगे. सत्रहवीं सदी में भी तुम सो रहे थे जब मोहम्मद गजनवी भव्य सोमनाथ मंदिर को लूट रहा था और आज भी तुम ही हो सोए हुए.

जब-जब तुम्हारी संस्कृति और इतिहास पर प्रहार होता है, तब-तब तुम सोए रहते हो, जैसे आज भी उनींदे ही हो.  एक बार फिर शत्रु तुम्हारी कमर के नीचे वार करने जा रहे हैं.  स्टार प्लस पर नया धारावाहिक ‘आरंभ’ शुरू किया जा रहा है.  ये धारावाहिक द्रविड़ और आर्यों की झूठी काल्पनिक लड़ाई पर आधारित है.

इस धारावाहिक की  कहानी  के. वी. विजयेंद्र प्रसाद ने लिखी है, जिनकी कहानी पर बनी बाहुबली आपने हाल ही में देखी होगी. इसके निर्माता-निर्देशक गोल्डी बहल हैं.  इस धारावाहिक की कहानी है कि कैसे आर्य आते हैं और द्रविड़ लोगों पर आक्रमण कर, उन्हें हरा कर, उन पर आधिपत्य जमा लेते हैं.

अंग्रेजों द्वारा यह सिद्धांत शुरू किया गया था कि आर्य लोग बाहर से आये थे.जर्मन विद्वान् मैक्समुलर  ने इस सिद्धांत को जन्म दिया था.   शुरुआती दिनों में भारत में इसे स्वीकार नहीं किया गया लेकिन बाद में  इस सिद्धांत का प्रयोग वोट बैंकिंग और राजनीतिकरण के लिए होने लगा.

आज कई माता-पिता ये धारावाहिक देखने वाले होंगे और अपने बच्चों को भी दिखाने वाले होंगे. आज आपका बच्चा सीखेगा कि आर्य तो विदेशी थे. उन्होंने मूल निवासियों को अपना गुलाम बना लिया था. बच्चा सीखेगा कि आर्यों और द्रविड़ों में गहरी दुश्मनी थी, जो कि कतई सच नहीं है. देश में हिंदुत्व की रक्षा के लिए एक ‘इन्फिनिटी फाउंडेशन’ काम करता है, जिसके बारे में अधिकांश सुप्त हिंदू नहीं जानते होंगे. इस फाउंडेशन को चलाने वाले राजीव मल्होत्रा ने बहुत पहले से ‘आरंभ’ धारावाहिक के खिलाफ मुहिम शुरू कर दी थी.

राजीव मल्होत्रा ने इस बारे में धारावाहिक निर्माता और लेखक से अनुरोध किया था कि इसकी शूटिंग रोक दी जाए लेकिन उन्होंने  अनुरोध पर विचार ही नहीं किया. इन्फिनिटी फाउंडेशन केंद्र सरकार का करीबी है, इसके बावजूद राजीव की बात पर सरकार ने कोई संज्ञान नहीं लिया.

राजीव का कहना है कि  ऐसा दिखाना एक बहुत ही खतरनाक बात है. यह सामाजिक रूप से गैर जिम्मेदाराना बात है; यह राजनीतिक रूप से भी खतरनाक है. इससे दो समुदायों के बीच वैमनस्य बढ़ेगा ऐसा दिखाना एक बहुत ही खतरनाक बात है. यह सामाजिक रूप से गैर जिम्मेदाराना बात है; यह राजनीतिक रूप से भी खतरनाक है.

धारावाहिक की कहानी भले ही विजयेंद्र प्रसाद ने लिखी है लेकिन बताया जा रहा है कि कुछ वामपंथी शोधकर्ताओं के दबाव में कहानी को दूषित किया गया है. अब आप क्या करेंगे. सिर्फ टीवी बंद कर विरोध जता देंगे या खुले रूप से सामने आकर दिखाएंगे कि आप सो नहीं रहे बल्कि जागे हुए हैं.

खैर जब मल्लपुरम में हिन्दू शून्य प्रतिशत हो जाता है, तब आपकी नींद नहीं खुली तो एक अदना से धारावाहिक का विरोध करने के लिए क्या खुलेगी.

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