रेलवे में ख़त्म हो रहे 10 हजार 900 पद, खर्च कटौती की कवायद

नई दिल्ली. रेलवे बोर्ड ने खर्च कटौती की कवायद तेज करते हुए सभी 17 रेल मंडलों से 10 हजार 900 पदों को खत्म करने का पत्र जारी किया है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ इस पत्र में लिखा गया है कि वर्ष 2017-18 के लिए सालाना पदों की कटौती के फैसले को लागू किया जाए. फिलहाल भारतीय रेल में कार्यरत कर्मचारियों की संख्या 15 लाख के करीब है.

पत्र के मुताबिक 25 मई को केंद्रीय रेलवे बोर्ड के निदेशक (ई एंड आर) अमित सरन ने इस आशय का आदेश पत्र सभी जोन मुख्यालयों को भेजा है. इससे रेल कर्मचारियों में हड़कंप है. हालांकि रेलवे प्रशासन इसे सामान्य प्रक्रिया बता रहा है.

पत्र के मुताबिक, दक्षिण-पूर्व-मध्य रेलवे जोन को 400 पद समाप्त करने के लिए कहा गया है जबकि सेंट्रल और ईस्टर्न रेलवे को 1-1 हजार पद, ईस्ट कोस्ट रेलवे को 700, नॉर्दन रेलवे को 1500, नॉर्थ सेंट्रल रेलवे को 150, नॉर्थ ईस्टर्न रेलवे को 700, नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे को 300, ईस्ट सेंट्रल रेलवे को 300, नॉर्थ ईस्टफ्रंटियर रेलवे को 550 पद खत्म करने को कहा गया है.

इसी तरह सदर्न रेलवे को 1500, साउथ सेंट्रल रेलवे को 800, साउथ ईस्ट सेंट्रल और साउथ ईस्टर्न रेलवे को 400-400 पद, साउथ वेस्टर्न रेलवे को 200, वेस्टर्न रेलवे को 700 और वेस्ट सेंट्रल रेलवे को 300 पद खत्म करने को कहा गया है.

अधिकारियों के मुताबिक रेलवे हर साल एक फीसदी पद समाप्त करता है. अधिकारी का यह भी दावा है कि ऐसे पद समाप्त करने से रेलवे का कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

हालांकि रेलवे अधिकारियों का कहना है कि मैकेनाइज़ेशन, प्राइवटाइज़ेशन और कम्प्यूटराइजेशन के बाद  उन विभागों में कार्यरत अधिकारियों व कर्मचारियों  के कार्यों की समीक्षा कर यह तय किया जाएगा कि कौन से अनुपयोगी पद समाप्त किये जाएं.

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि सफाई, पानी, बिजली, कंप्यूटर, मैकेनिकल सहित कई विभागों के कार्यों को ठेक पर दे दिया गया है. वहीं कम्प्यूटर एवं कई तकनीकी विभागों में मशीनों से काम होने के कारण वहां पर कर्मचारियों का काम कम बचा है. इस छटनी से रेलवे बोर्ड स्थापना में होने वाले अपने खर्चों को भी कम करना चाहता हैं.

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