कई सफेदपोशों और खद्दरधारियों को निर्वस्त्र कर देगा किम डेवी का प्रत्यर्पण

किम डेवी (Kim Davy)… उर्फ़ Niels Holck उर्फ़ Niels Christian Nielsen नाम सुना होगा… नहीं सुना… तो चलिए हम बता देते हैं…

पश्चिम बंगाल में एक जिला है पुरुलिया… 17 दिसम्बर 1995 के दिन यहाँ Antonov An-26 हवाई जहाज़ से हथियारों का जखीरा गिराया गया था जो चार गावों में फैल गया था.

इसमें कई सौ AK 47 और 10 लाख से ऊपर कारतूस थे. किम डेवी उसी का मुख्य अभियुक्त है. उस समय पश्चिम बंगाल में वामपंथी शासन था और केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी.

किम डेवी ने बयान दिया था कि कांग्रेस ने भारतीय खुफिया एजेंसी RAW के कुछ अधिकारियों और ब्रिटिश ख़ुफ़िया एजेंसी MI-5 की मदद से ये हथियार गिराए थे. ये हथियार वामपन्थियों के खिलाफ आनदमार्गियों को सप्लाई करने थे.

उसने कहा था कि सांसद पप्पू यादव के साथ मिलकर नरसिम्हा राव सरकार ने वामपंथियों की सरकार गिराने के लिए खेल खेला था…

हथियार उस समय की बंगाल सरकार की पुलिस ने पकड़ लिए… अगली खेप आ रही थी तो जहाज़ भारतीय वायु सेना के राडार पे आ गया और वायुसेना ने MIG 30 से उसको घेरकर पकड़ लिया.

सारे विदेशी अपराधी पकड़ लिए जिनको बाद में देश से तत्कालीन केंद्र सरकार ने भगा दिया. डील के अनुसार पप्पू यादव की मदद से कांग्रेस सरकार ने उसको देश छोड़ के भागने में मदद किया था…

हालाँकि पप्पू यादव, चारा घोटाले में सज़ायाफ़्ता लालू प्रसाद यादव की पार्टी से सांसद होता था लेकिन कांग्रेस ने हमेशा उसको सांसद बनने में मदद की.

पप्पू यादव पर एक हत्या का जुर्म साबित हुआ, उम्र कैद हुई और मजबूरी में लालू ने उसको पार्टी से निकाला. इस कारण वो चुनाव नहीं लड़ सका तो कांग्रेस ने उसकी पत्नी को सांसद बनाया जिसमें लालू ने मदद की.

अटल सरकार आने पर इसके प्रत्यर्पण के लिए डेनमार्क से बात शुरू हुई लेकिन कोई फायदा न हुआ… डेनमार्क सरकार ने प्रत्यर्पण करने से मना कर दिया.

अटल सरकार ने कई मोर्चों पर उसके प्रत्यर्पण की मांग रखी… लेकिन असफल रहे. तब तक केस इतना कमजोर हो चुका था कि जो क्रू मेंबर अभियुक्त के रूप में पकड़े गए थे वो सब छूट गए.

रूस अपना एक नागरिक भी छुड़ा ले गया… उधर एक ब्रिटिश नागरिक को भी 2004 शुरू होते ही क्षमादान मिल गया.

2004 में कांग्रेस की UPA सरकार आ गयी और उन्होंने इस मामले को गोल मोल कर दिया और लटकाए रखा…

2016 में मोदी सरकार ने इसके प्रत्यर्पण पर काम शुरू किया और मोदी ने डेनमार्क के प्रधानमंत्री से खुद बात की. अब खबर ये है कि किम डेवी के भारत प्रत्यर्पण होने के रस्ते बन चुके है.

सब कुछ सही रहा तो 2016 में शुरू हुई कोशिश कामयाब हो गयी है… और बहुत सारे सफेदपोश और राजनैतिक खद्दरधारी नंगे होने वाले हैं, ये प्रत्यर्पण (extradition) तस्वीर बदल देगा…

भारत में असहिष्णुता और बढ़ने वाली है … ख़बरें गढ़ के लकड़बग्घों, शेर और चीतों की शुचिता के उफान का झाग उड़ाने का काम भी होने वाला है… आने वाले प्रोपगैंडा में फंसने से पहले ध्यान रखें…

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