कुलभूषण जाधव के मामले में पाकिस्तान का एक और सफेद झूठ

29 मार्च 2016 को पाकिस्तान के इन्टर सर्विस पब्लिक रिलेशन के मुखिया लेफ्टिनेन्ट जनरल असीम बाजवा ने आन्तरिक मामलों के मंत्री परवेज रशीद की मौजूदगी में बयान दिया था कि कुलभूषण जाधव को छ: आरोपों के तहत गिरफ्तार किया गया है. यह जानकारी 31 मार्च 2016 को पाकिस्तानी अखबार ‘डॉन’ में प्रकाशित हुई थी.

1. कुलभूषण के भारत की जासूसी संस्था ‘रॉ’ के ज्वाइन्ट सचिव अनिल कुमार गुप्ता से ताल्लुकात हैं.

2. कुलभूषण को चीन पाकिस्तान इकानामिक कॉरीडोर और चीन द्वारा पाकिस्तान में बनाए जा रहे ग्वादर बन्दरगाह को नष्ट करने पाकिस्तान भेजा गया है.

3. कुलभूषण भारतीय नौ सेना में नौकरी करता है और 2022 में रिटायर होने वाला है.

4. कुलभूषण ने 2002 से ईरान के “चाबहार” नामक स्थान पर बिजनेस चालू करके एक नाव भी खरीदी है.

5. इस नाव के उपयोग से कुलभूषण कराची और बलूचिस्तान में उपद्रवियों को भड़का रहा है.

6. कुलभूषण 2013 से “रॉ” के लिए काम कर रहा है और पाकिस्तान विरोधी आतंकी गतिविधियों में जुड़ा है.

इन आरोपों की पुष्टि के लिए बाजवा ने एक वीडियो भी दिखाया जिसमें कुलभुषण ने जासूसी करना कुबूल किया है. इसी सन्दर्भ में पाकिस्तान के डॉन अखबार में सैय्यद अली शाह के नाम के रिपोर्टर द्वारा 27 मार्च 2016 को प्रकाशित समाचार में बताया गया है कि कुलभूषण बलूचिस्तान के अलगाववादियों को समुद्री युद्ध करने की ट्रेनिंग दे रहा था. समाचार में यह भी लिखा है कि कुलभूषण अलगाववादियों को आतंक फ़ैलाने की “रॉ” से ट्रेनिंग दिलाने के लिए उन्हें पाकिस्तान से नई दिल्ली भी भेज रहा था.

दूसरी तरफ इसी डॉन अखबार में 11 फरवरी 2016 को पाकिस्तान के खुफिया ब्यूरो के चीफ “डायरेक्टर जनरल आफताब सुल्तान” के हवाले से खबर छपी है कि आफताब सुल्तान ने पाकिस्तान की सीनेट की स्टेन्डिंग कमेटी में रिपोर्ट पेश की है जिसमें बताया गया है कि पाकिस्तान में जो बम बिस्फोट, लूट, हत्याएं, खून खराबा हो रहे हैं उनमें सिर्फ स्थानीय लोगों के हाथ हैं. किसी विदेशी सरकार की दखलन्दाजी नहीं पाई गई है.

पार्लियामेन्ट की स्टेन्डिंग कमेटी की रिपोर्ट में अधिकृत तौर पर यह स्वीकारा गया है कि पाकिस्तान की जमूहरियत के दो सबसे बड़े दुश्मन ‘लश्कर ए जानवी और सिपाह ए साहबा’ आतंकी हरकतों को अंजाम दे रहे हैं. पाकिस्तान में “तेहरीक ए तालिबान” भी सक्रिय है. यह संस्था आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट और अफगानिस्तान के तालिबान संगठन में मेल मिलाप करा रहा है.

तेहरीक ए तालिबान पाकिस्तान के दो गुट हैं, एक गुट का नेता ‘आबिद मुचाल गुल’ है जिस पर 100 से अधिक आतंकी हमलों का आरोप है. इसी तरह तेहरीक ए तालिबान पाकिस्तान के दूसरे खतरनाक गुट का नेता “फज्जुलाह” है. इन आतंकी संगठनों ने 2013 में 1922 हत्याएं लूट, डकैती, फिरौती, बम विस्फोटों को अंजाम दिया था.

पाकिस्तान के खुफिया विभाग के चीफ “आफताब सुल्तान” ने स्टेन्ड़िंग कमेटी को अधिकृत रूप से जानकारी दी कि सन 2014 और 2015 में क्रमश: 1305 और 506 बम विस्फोटों की घटनाएं पूरे पाकिस्तान में हुई. आफताब के अनुसार इस समय पाकिस्तान में 1121 आतंकवादी जेलों में मौजूद हैं, कहा जाता है यह सब वह लोग हैं जिन्हें आईएसआई ने गुप्त तरीके से तैयार करके हजारों की संख्या में भर्ती करके इस्लामिक स्टेट के लिए सीरिया में लड़ने भेजा था.

इन आतंकियों में से अधिकांश सीरिया और मोसुल में मारे गए हैं. बचे हुए पाकिस्तानी हत्यारे ईरान के रास्ते से पाकिस्तान लौट रहे हैं. पाकिस्तान में आकर यही खूंखार आतंकी लूटमार हत्याएं कर रहे हैं आईएसआई, पूरी तरह “हाफिज सईद” जैसे लोगों की आड़ लेकर पश्चिम के देशों को धोखा देकर “डबल क्रॉस” करने का खेल खेल रही है.

आफताब सुल्तान के मुताबिक 2016 से लेकर अब तक 95 हत्याएं, अकेले सिंध प्रान्त में आईसिस से लौटे इन आतंकियों ने कर दी हैं. खैबर के इलाके में ऐसे 581 हत्यारों को गिरफ्तार किया गया है और 84 आतंकी एनकाउंटर में मारे गए हैं.

कितने आश्चर्य की बात है कि एक तरफ तो पाकिस्तान ईरान से अपहरण करके लाए कुलभूषण पर आरोप लगाता है कि वह बलूचिस्तान में समुद्री लड़ाई लड़ने का प्रशिक्षण बगावती लोगों को दे रहा था. पर पाकिस्तान यह आरोप लगाते समय भूल गया कि बलूचिस्तान में समुद्र कितना है और विद्रोही वहां पर किससे, क्या मछलियों से लड़ेंगे?

एक तरफ पाकिस्तान यह भी मानता है कि कुलभूषण 2003 से ईरान में बिजनेस कर रहा है और “भारतीय गुप्तचर ऐजन्सी “रॉ” में वह 2013 से जुड़ा है और यह भी कहता है कि कुलभूषण भारतीय नौ सेना में अभी भी अधिकारी है. तो क्या पाकिस्तान के हुक्मरान यह भी नहीं जानते कि क्या कोई फौज किसी को दस साल तक बिना किसी काम के वेतन दे सकती है.

फिर अचम्भे की बात तो यह है कि एक ओर पाकिस्तान कुलभूषण के द्वारा भारत पर आरोप लगा रहा है कि भारत पाकिस्तान में गुप्तचरी करा रहा है, वहीं पर दूसरी ओर उसके खुफिया विभाग के चीफ डायरेक्टर जनरल आफताब सुल्तान पाकिस्तान की सीनेट की स्टेन्डिंग कमेटी में रिपोर्ट पेश करते हैं कि पाकिस्तान में तोड़ फोड़, बम धमाके, हत्याएं, लूटपाट, खून खराबा उसकी अपनी समस्याएँ हैं किसी विदेशी देश या हस्ती का उसमें कोई हाथ नहीं है.

अत: यह पूरी तरह से सिद्ध हो जाता है कि नकली पासपोर्ट बनाकर कुलभूषण को अगवा करके पाकिस्तान जो षड़यन्त्र का खेल खेल रहा है वह पूरी तरह बेबुनियाद का खेल है. कुलभुषण पर लगाए आरोप सरासर सफेद झूठ है. लगता है अब समय आने वाला है जब पाकिस्तान के सौ सुनार की चोटों का जवाब ….एक लुहार की चोट से देना पड़ेगा.

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