यहाँ रहते सभी हैं, कोई यहाँ का है नहीं, देश किसी का नहीं है

2005… वह साल जब मैं पहली बार इंग्लैंड आया था. इसी साल लंदन पर पहला जिहादी हमला भी हुआ था… मैं लंदन के बारे में ज्यादा नहीं जानता था, एक लैंडमार्क जिसके बारे में जानता था वह था ट्रैफलगर स्क्वायर… निर्मल वर्मा की एक कहानी में ट्रैफलगर स्क्वायर पर कबूतरों के बारे में पढ़ा था. … Continue reading यहाँ रहते सभी हैं, कोई यहाँ का है नहीं, देश किसी का नहीं है