अच्छे अंक या अच्छी रेंक ही पर्याप्त नहीं सफल होने के लिये

अभी लगभग सभी राज्यों के 12वीं बोर्ड के परिक्षा परिणाम आना प्रारम्भ हो गये हैं, लगभग सभी बच्चे काफी होशियार है. मेरे खुद के लड़के ने 96% प्राप्त किये हैं. उसने भी आगे के एडमिशन के लिये बहुत सारी परिक्षा दी है. हर जगह मेरी पत्नी साथ में गयी थी, वो बता रही थी कि सभी बच्चे बहुत ही ज्यादा होशियार है, उन सभी के माँ बाप भी काफी जागरुक हैं.

सिर्फ थोड़ा बहुत फर्क है, उसमें भी अलग-अलग स्थितियां हैं जो तीन-तीन साल से `जी मेन्स` की तैयारी कर रहे हैं, उसमें तो नम्बर आ गया, पर 12वीं में, न्युनतम पात्रता हासिल न कर सके, 12वीं में अच्छे नम्बर है, पर `जी मेन्स` में न आ सके, अन्य राज्यों के लिये भी बहुतों ने परीक्षा दी है.

जिनका नम्बर, `जी मेन्स` में आ गया है, उन्हे ‘जी अडवांस’ देना है, जनरल में सिर्फ दस हजार सीट है, कांटे की टक्कर है, पर अब मुलभूत समस्या ये है कि IIT करने के बाद भी सिर्फ 60०% लड़कों को ही नौकरी मिलती है. IIT में भी अच्छे कॉलेज में नम्बर आये, तो ही मतलब है, पर नौकरी में लगने के बाद भी, मंदी के कारण या तो कम पगार मिलेगी, या नौकरी से निकाल दिये जाओगे, कोई भरोसा नहीं है, आदमी पूरा टुट जाता है, हताश हो जाता है.

अब मैं अपनी बात पर आता हूँ, इतनी ज्यादा टेंशन लेने की जरुरत नहीं है, अच्छी रेंक लाना, कोई सफलता की गारन्टी नहीं होती है. जिस कंपनी में आप नौकरी करेंगे, तो वो सेठ जितना आपको देगा,उससे ज्यादा वो आपसे कमाएगा, अगर वो आप पर भरोसा कर सकता है, तो आप खुद अपने आप पर भरोसा क्यों नहीं कर सकते.

सफलता प्राप्त करने के लिये आप में कुछ मुलभूत गुणधर्म होने चाहिये, जैसे खुद पर पूरा विश्वास, जोखिम लेने का साहस, व्यापारिक कुशलता, नैतृत्व करने का गुण, हर सही और गलत का विश्लेषण करने की क्षमता, बोलने की कला, हिम्मत न हारने का गुण.

अगर सीखाना हो, तो बच्चों में ये चीजे सीखाओ और ये सब सिखाने के बाद में ये सीखाओ के परिणाम तो ईश्वर के हाथों मे ही होता है ताकि जीवन में कभी निराश न हो.

ये गुणधर्म आ गये तो नौकरी करेगा, तो भी अव्वल होगा, और नौकरी न कर अपना खुद का कुछ भी करेगा, तो भी अव्वल होगा. ऐसे सैकड़ों उदाहरण हमारे सामने है, जिन्होंने शून्य से शुरुआत कर एक बहुत बड़ा मुकाम हासिल किया.

जापानी लोग ये मानते है कि हर व्यक्ति के अन्दर कुदरत कुछ विशेष गुण भरती है, जरुरत है, उन गुणों को पहचान कर निखारने की.

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