राष्ट्र से बड़ा कुछ नहीं, राष्ट्रवाद से बड़ा कोई धर्म या ज़ात नहीं

कुछ महीने पहले जब सऊदी अरब ने यमन पर हमला किया तो वहां से 6000 भारतियों को बचा के वापस देश लाया गया. इसमें से कई लोग वर्षों से वहां रह रहे कई धर्मों और जातियों के लोग थे. इस प्राणनाशक स्थिति में सिर्फ एक चीज काम आई, ‘भारत के गणतन्त्र द्वारा दिया गया पासपोर्ट’

बहुत लोगों ने फिल्म Airlift देखी होगी. उसमें रंजीत कत्याल का रोल Sunny Matthew पर आधारित था जिनको उस समय लोगों और समाचार पत्रों ने ‘Saviour Sunny’ का नाम दिया था.

Sunny Mathew ईसाई थे, एक इस्लामिक देश में करोड़ों का व्यवसाय करते थे. उन्होंने इस विपदा के समय कई भारतियों को कुवैत से जॉर्डन पहुँचाया था, जहाँ से Air India के विमानों ने उनको सुरक्षित अपने देश पहुँचाया.

उनके आम चाल ढाल और पहनावे में अरबी तथा पश्चिमी शैली शामिल हो चुकी थी. लेकिन पहले खाड़ी युद्ध के होने पर वर्षों से वहां रह रहे हर धर्म, जाति के लोगों के सिर्फ एक चीज़ काम आई ‘भारत के गणतन्त्र द्वारा दिया गया पासपोर्ट’.

विदेशों में रह रहे कई लोग जब पासपोर्ट गुमा देते हैं गलती से तो उनकी हालत देखिये… कई वर्षों तक जेल में भी रहते हैं… उनकी मिली हुई पहचान ‘भारत के गणतन्त्र द्वारा दिया गया पासपोर्ट’ उनको बचा लेती है…

राष्ट्रवाद क्या है? राष्ट्रवाद पर किसी जाति, धर्म या समूह का विशेषाधिकार नहीं है. ये सबकी जिम्मेदारी है…

किसी ने कहा है कि ‘सब लोग कुछ बड़ा करना चाहते हैं लेकिन ये भूल जाते हैं कि जिन्दगी छोटी-छोटी चीज़ों से बनी है…’

बस यही छोटी-छोटी चीज करने से आप अपने देश को महान राष्ट्र बना देते हैं. इसको करने के लिए किसी सरकारी दिशा निर्देश या कानून की जरूरत नहीं पड़ती.

ये छोटी-छोटी चीज करके देखिये खुद को अच्छा लगेगा और पूरा दिन आपका ख़ुशी के माहौल में बीतेगा…

अगर आप गाड़ी चला रहे हैं तो आप किसी भी कारण से हॉर्न बजाना बंद कर दीजिये… इससे आप अपने राष्ट्र से ध्वनि प्रदूषण दूर कर देंगे.

गाड़ी को अपनी लेन में चलाइये, रेल के समपार फाटक पर लाइन से खड़े हो जाइये. इससे आप न सिर्फ अफरातफरी को बचा लेंगे बल्कि करोड़ों का तेल एक ही दिन में बच जाएगा. राष्ट्र का भी फायदा, अपना भी फायदा.

यातायात के नियमों का पालन कीजिये – लाल, हरी, पीली बत्ती और ज़ेबरा क्रॉसिंग का आदर कीजिये.

अगर आप कुछ खा रहे हैं सड़क पर, गाड़ी में या कहीं भी तो उससे पैदा हुए कचरे को हाथ में रखिये या गाड़ी में – जैसे ही कूड़ेदान मिले उसमें डाल दीजिये.

कभी कूड़ा बाहर सड़क, पार्क या कहीं मौका लगने वाली जगह पर न फेंकिए. इससे आप न सिर्फ देश को स्वच्छ बना देंगे, बल्कि सफाई के नाम पर करोड़ों के सरकारी खर्च को बचा लेंगे जो किसी और जन कल्याण के काम में इस्तेमाल हो सकेगा.

अगर आप सरकारी नौकरी में हैं तो अपनी जिम्मेदारी से काम करिये, अगर आपको चाय-पानी की आदत है तो एक दिन दो-चार काम बिना चाय पानी के कर डालिये.

वो दिन आपका उस दिन से बेहतर और खुशनुमा गुजरेगा जिस दिन आप चाय-पानी के चक्कर में रहे. फिर बिना चाय-पानी के काम करना आपकी आदत में घुल जाएगा. देश का हित, समाज का हित और आपका भी हित.

अपने आपको और अपनी दिनचर्या को समयबद्ध करके उसके अनुसार काम कीजिये, और फिर देखिये आपकी कार्यक्षमता दुगुनी हो जाएगी.

आप जहाँ भी जाएं… सिनेमा घर, रेल स्टेशन, बस अड्डा या बिल भरने की जगह – तुरंत लाइन लगा लें… इससे न सिर्फ काम आसानी से होगा बल्कि जल्दी होगा और आप हो हल्ला से होने वाले खीझ से बच जाएंगे.

आप स्वयं कई और भी बहुत सारे छोटे-छोटे काम जानते होंगे… जो करने से अच्छा होगा और अच्छा लगेगा… तो झिझकते क़दमों को आगे बढ़ाइए, देखिये कि लोग आपको देखकर जुड़ते जाएंगे…

याद रखिये, मोदी जी ने एक भाषण में कहा था मुझे छोटी-छोटी चीज करने में मज़ा आता है और यही छोटी-छोटी चीज हमको विश्वगुरु बना देगी…

मैं स्वयं इन सबको करता हूँ और मुझे मिलने वाले बखूबी इसको जानते हैं… आप भी इस छोटे-छोटे कामों को कीजिये…

पाकिस्तान, कश्मीर और माओवादियों की समस्या पर नज़र रखते हुए इस सबको इस जनहित और देशहित वाली सरकार पर छोड़ दीजिये. वो हमारे सुरक्षा बलों के साथ इससे बखूबी निबट रही है और समस्या का अंत बहुत खूबसरत होगा.

याद रखिये, ‘…सब लोग कुछ बड़ा करना चाहते हैं लेकिन ये भूल जाते हैं कि जिन्दगी छोटी-छोटी चीज़ों से बनी है…’

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