शहद बनो, मक्खियाँ सिरके से दूर भागती हैं और शहद पर मंडराती हैं

बहुत साल पहले एक नवविवाहित युवती मेरे स्कूल में नौकरी मांगने आयी. बेहद आकर्षक व्यक्तित्व, अच्छी पढ़ी लिखी, तथाकथित Convent शिक्षित, फर्राटे से अंग्रेजी बोलने वाली.

उनके साथ उनके पतिदेव भी थे. जैसे दीवार फिलिम में अमिताभ बच्चन के हाथ पे लोगों ने चोर लिख दिया था वैसे ही उस आदमी के माथे पे भगवान जी ने लिख दिया था “मूर्ख”. हीन भावना उसकी रग रग रोम रोम से टपक रही थी. यूँ कहने को संस्कृत से Phd पर Unemployed और Thoroughly Unemployable ……..

साफ दिख रहा था कि उसने हाथी पाल लिया है.

जबकि नियम ये कहता है कि अगर आपकी औकात देसी कुतिया पालने भर हो तो खूंटे पे हाथी नही पालना चाहिए. दुर्भाग्य से उसने पाल लिया था. बहरहाल वो महिला अगले 18 साल तक मेरे संपर्क में रही. अपने उस निकम्मे नाकारा कामचोर पति परमेश्वर की मार झेलती रही. वो भी Parasite बना उसकी बड़ी आंत मने Large Intestine में पड़ा रहा.

हीन भावना से ग्रस्त असफल पति जिसे मालूम हो कि उसकी पत्नी उस से ज़्यादा योग्य सुपीरियर है, मने यदि कुत्ते को अहसास हो जाये कि उसने हथिनी पाल ली है तो वो अपने रास्ते मे पड़ने वाले हर हाथी शेर से असुरक्षित महसूस करता है …….. he feels Threatened ……… उसे हर पल ये डर सताता रहता है कि कोई हाथी इसे भगा ले जाएगा.

उसे हमेशा ये लगता है कि मेरी बीवी किसी और से set हो जाएगी. वो हमेशा उसके ऊपर शक़ करता है, उसके चरित्र पे लांछन लगाता है. खुद निकम्मा नकारा है तो बीवी से नौकरी कराना मजबूरी है. क्योंकि उसी की कमाई से तो घर चलता है. पर ऐसा आदमी जो हमेशा एक असुरक्षा की भावना से घिरा है, काम से लौटी बीवी को सूंघने की कोशिश करता है..

कहां थी ?

इतनी लेट क्यों आयी ?

आज जल्दी क्यों आ गयी ?

कहाँ जा रही हो ? क्यों जा रही हो ? इतना सज धज के क्यों जा रही हो ?

किसके लिए इतना सज धज के रहती हो ?

बहरहाल , वो महिला पूरे 18 साल उस पति परमेश्वर के अत्याचार सहती रही. मानसिक के साथ शारीरिक अत्याचार भी. घरेलू हिंसा भी.

एक बार कई साल बाद मिली. पूर्वांचल के एक स्कूल में अंग्रेज़ी पढ़ाती थी 7500 रु में. मैंने पूछा, ये क्या हाल बना रखा है ? कुछ लेती क्यों नही ?

बोली , क्या लूँ ?

मैंने कहा Albendazole …….. एक्के बार लो हचक के heavy Dose …….
उसने हिम्मत की और उस Parasite से मुक्त हो गयी.

बड़ी आंत का parasite पचा पचाया खाना खाता है. उसका खुद का कोई digestive System नही होता बतावें. उस parasite के हटते ही उसका हीमोग्लोबिन दिन दूना रात चौगुना बढ़ने लगा. सिर्फ 5 साल के भीतर वो पंजाब के एक बड़े स्कूल में सवा लाख रु ले रही थी.

Moral of the Story

* यदि तुम्हारी औकात देसी कुतिया जियाने की है तो हाथी मत पालो.

* अपनी बड़ी आंत में कोई Parasite मत पलने दो. अगर है तो Albendazol खाओ.

* अपने पैरों में चक्की मत बांधो.

* नकारा नपुंसक हिजड़े किसिम के लोग ही अपने Spouse पे शक़ करते हैं.

* यदि आपको लगता है कि आपका Spouse किसी और से Set है तो ये आपका failure है. शहद बनो. मक्खियाँ सिरके से दूर भागती हैं और शहद पर मंडराती हैं.

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