भारत एक सॉफ्ट स्टेट है, जिसके कानून का कोई पालन नहीं करता

भारत विश्व की एक महाशक्ति है… हमारे पास परमाणु हथियार है… हमारी सेना इतनी बड़ी है… रूस,चीन तो छोड़ो अमेरिका भी भारत की बढ़ती शक्ति से डरता है… हमारे इतने वैज्ञानिक, डॉक्टर, इंजीनियर अमेरिका, नासा, फ्रांस, जर्मनी न जाने कहां कहां काम कर रहे है… 21वीं सदी भारत की होगी… इस सदी में ये हो जायेगा… वो हो जायेगा… न जाने क्या क्या… आदि… आदि… ऐसी घुट्टी हमे स्कूल समय से ही पिलाई जाती है…!!!

ये सब पढ़ सुनकर हम आत्ममुग्ध हो जाते हैं… ख्याली दुनिया में खो जाते हैं….ये भूल जाते हैं कि जो भी उपलब्धियां है वो सब व्यक्तिगत उपलब्धियां हैं… जितने भी वैज्ञानिक, डॉक्टर,  इंजीनियर या सत्या नडेला से लेकर सुंदर पिचाई तक… वे सब भारत की तमाम् कुव्यवस्थाओ के बाद भी आगे बढ़ें… उनकी उपलब्धियों को हम देश के साथ नहीं जोड़ सकते… सैनिकों ने जो भी साहस दिखाया है या विजय हासिल की है वह भी उनकी व्यक्तिगत साहस और क्षमता के बल पर की है… हथियारों और साधनों की कमी के बाद भी…!!!

उनकी व्यक्तिगत उपलब्धियों को हम देश से जोड़कर महाशक्ति के दम्भ में आत्ममुग्ध हो जाते हैं.. महाशक्ति वह होती है जिसके सैनिकों पर कोई हाथ नहीं डालता… उनको छूने की भी कोई हिम्मत नहीं कर सकता… जिस तरह का बरताव पाकिस्तानी सेना हमारे सैनिकों के साथ कर रही है… वैसी हरकत कोई देश अमेरिकी, चीनी, रूसी या ईजराइली सैनिको के साथ कर सकता है… बांग्लादेश भी भारतीय सैनिको के साथ इस तरह ही अमानवीय अत्याचार करके उनकी हत्याएं कर चुका है…!!!

श्रीलंका भी हमारे मछुआरों को चाहे जब पकड़ लेता है… नेपाल में भारत विरोधी नारे और भारतीयों पर हमले सामान्य बात है… मालदीव भी राष्ट्रपति चुनाव में हस्तक्षेप के नाम पर भारत को धमका चुका है… ऐसी सेकड़ों घटनाएं मिल जायेगी… जब विदेश में भारतीयों के साथ अमानवीय अत्याचार किये गये… फिजी से लेकर केन्या, युगांडा, आस्ट्रेलिया तक… हर जगह आपको ये कहानी देखने को मिल जायेगी… बावजूद हम महाशक्ति हैं… इस मुगालते मे जी रहे हैं!

एक अर्थशास्त्री ‘मिन्नार गुर्डल’ ने भारत के बारे मे एक कथन… जो उन्होंने भारत की तमाम् कुव्यवस्थाओ को देखकर लिखा था- “भारत एक सॉफ्ट स्टेट है, जिसके कानून का कोई पालन नहीं करता.”

जिस तरह की घटनाएं घट रही उसे देखकर लगता है कि उनका कथन सत्य के करीब था…!!!

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