इसबगोल : पेट की बीमारी ठीक करने के साथ वज़न भी नियंत्रित करिए

इसबगोल को अंग्रेजी में सिलीअम हस्क कहते हैं – इसबगोल दरअसल प्लांटागो ओवाटा नामक एक पौधे का बीज होता है – इसकी पत्तियां हू-ब-हू एलोवेरा की तरह होती हैं. पौधे में गेंहू की तरह बालियां होती हैं जिसमें इसबगोल का बीज पाया जाता है !

कब्जियत में कारगर

इसबगोल में कुदरती तौर पर एक चिपचिपा पदार्थ पाया जाता है – इसे पानी में डुबाने के बाद यह फूल जाता है और एक जेल का निर्माण करता है – यह जेल स्वादहीन और गंधहीन होता है. अपने लैक्सटिव गुण के कारण यह आंत को साफ करता है और पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है.

यह किसी भी अन्य पोषक तत्व को सोंखता नहीं है क्योंकि इस पर किसी भी डायजेस्टिव एंजाइम का कोई असर नहीं होता. इसके अलावा यह आंत में मौजूद बैक्टीरिया और दूसरे नुकसानदेह टोक्सिन को भी सोंख लेता है – साथ ही यह आंत की परत पर चिकनाहट भी लाता है.

सेवन

इसबगोल को पानी में 5 से 6 घंटे तक फुला लें – रात को सोने से पहले आप इसे गुनगुने दूध के साथ ले सकते हैं.

डायरिया का प्राकृतिक उपचार

इसबगोल में पाए जाने वाले प्राकृतिक तत्व कब्जियत के साथ – साथ डायरिया से भी राहत पहुंचाता है – अगर आप डायरिया से पीडि़त हैं तो इसे दही के साथ मिला कर लें.

सेवन

दो चम्मच इसबगोल को आठ चम्मच ताजा दही के साथ मिला लें और भोजन के बाद खाएं. अच्छे परिणाम के लिए दिन में दो बार इसका सेवन करें.

एसिडिटी से दिलाए राहत

यह पेट में एक सुरक्षा कवच तैयार करता है जो डायजेस्टिव एडिस के अत्याधिक स्राव को कम करता है – साथ ही यह पेट में मौजूद एडिस के प्रभाव को निष्क्रय भी करता है.

सेवन

इसबगोल को ठंडे पानी के साथ भोजन के बाद लें.

कोलोन को करे साफ

इसबगोल की प्रकृति हाइग्रोस्कोपिक होती है. कोलोन में जाने के बाद यह एएमए नामक नुकसानदायक टाॅक्सिन को सोंख लेता है. इससे आप कई तरह की स्वास्थ संबंधी समस्याओं से निजात पा सकते हैं.

सेवन

महीने में 3 से 4 दिन सोने से पहले इसे गुनगुने पानी के साथ लें.

वजन घटाने में मददगार

इसकी मदद से आप खाने की इच्छा को नियंत्रित कर सकते हैं – चूंकि यह कोलोन को साफ रखता है – ऐसे में यह भोजन के पाचन में भी मददगार साबित होता है.

सेवन

इसबगोल को पानी में मिलाकर मिक्सचर तैयार कर लें और इसमें नींबू का रस मिला दें. सुबह खाली पेट इसका सेवन करें.

दिल की बीमारी रोके

इसबगोल फाइबर से युक्त होता है – चूंकि इसकी प्रकृति हाइग्रोस्कोपिक होती है – इसलिए यह कोलेस्टरोल को एब्जाॅर्ब करता है. यह पेट और आंत पर टाॅक्सिन व तैलीय पदार्थ के अत्याधिक जमाव को रोकता है. साथ ही यह भोजन के फैट को एब्जॉर्ब होने से भी रोकता है.

सेवन

दिन में दो बार भोजन के तुरंत बाद इसबगोल का सेवन करें.

मधुमेह को करे नियंत्रित

इसबगोल में प्राकृतिक जेलेटिन पदार्थ पाया जाता है जो शरीर में ग्लूकोज के एब्जाॅर्ब्शन और इसके टूटने को धीमा करता है – यानी यह ग्लूकोज के सेवन को कम करने के साथ ही मधुमेह को नियंत्रित करता है.

सेवन

पानी के साथ भोजन के तुरंत बाद लें.

बवासीर से दिलाए निजात
इसबगोल में मौजूद लैक्सटिव गुण नेचुरल बोअल मूवमेंट में मददगार होता है – इसमें उच्च मात्रा में घुलनशील व अघुलनशील फाइबर पाया जाता है जिससे यह बवासीर में राहत दिलाता है.

सेवन

रात को सोने से पहले पानी के साथ इसबगोल का सेवन करें – ऐसा तब तक करें जब तक आपकी स्थिति में सुधार न हो जाए.

कैसे खरीदें

आमतौर पर यह हर दुकान में मिल जाएगा. इसबगोल कैप्सुल कभी न खरीदें. बिना किसी फ्लेवर वाला प्राकृतिक इसबगोल ही खरीदें. बाजार से किसी भरोसेमंद ब्रांड का ही इसबगोल खरीदें.

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