अभी तो सिर्फ मोदी और योगी मिले हैं तो ऐसी कसमसाहट, ऐसी छटपटाहट!

अभी तो सिर्फ मोदी और योगी मिले हैं तो ऐसी कसमसाहट, ऐसी छटपटाहट! जिस दिन टीम के बाकी सदस्यों की जानकारी मिलेगी, आपके पसीने छूट जाएंगे जनाब!

एक संत जो हिमालय पर अज्ञातवास बिताकर आया है, एक योगी जो गोरखनाथ के वंश का अंश है. आप जानते ही क्या हैं इन दोनों के बारे में? आप जानते ही कितना है उन रहस्यमयी शक्तियों के बारे में जो भारतभूमि के कल्याण के लिए उच्च चेतनाओं को तैयार कर रही है.

भौतिक जगत के वासियों की नियति है भौतिक क्रीडाओं में उलझे रहने की, चाहे देश की अस्मिता पर हमला हो, चाहे देश की सुरक्षा के लिए जान की बाजी लगाने वाले जवानों पर हमला हो, चाहे भूख, गरीबी और भ्रष्टाचार को मिटाने के लिए इस टीम के भागीरथ प्रयास पर अपने कुतर्कों और कुकर्मों से भस्म कर देने का प्रयास हो…

ये सब उस क्रीड़ा का हिस्सा है, जिसमें तुम सबको उलझा रखा है… छोटे मोटे खेल हैं ये… एक बहुत बड़ा वास्तविक संघर्ष तो चल रहा है सकारात्मक और नकारात्मक शक्तियों के बीच जो तुम्हें दिखाई नहीं देता…

सनातन धर्म, हिंदुत्व और हिन्दू जीवन शैली पर लम्बे लम्बे लेख लिखने वाले भी क्या इस बात को  समझ पा रहे हैं कि ब्रह्माण्ड की जिन रहस्यमय शक्तियों और उसके संचालन की हम बात करते हैं, क्या उनकी कायनाती षडयंत्र से बाहर होंगे देश के ये चुनिंदा चयनित लोग?

नहीं, अभी तो ये प्रारम्भ है, अभी तो इन सुषुप्त दैवीय शक्तियों को सिर्फ जगाया गया है, जो सैकड़ों वर्षों से असुरी शक्तियों के प्रभाव में थी, अभी तो सिर्फ अंगड़ाई ली है उन शक्तियों ने, अभी तो उसने काम करना शुरू ही नहीं किया है…

संघर्ष जब दोनों शक्तियों के बीच बराबरी का होगा उस दिन की प्रतीक्षा कीजिये, उस दिन देखिएगा महाभारत का एक और युद्ध, जहां लाखों को जीवन बलिदान करना होगा, उनमें से कुछ विरोधियों के होंगे, कुछ अपने भी होंगे…

आप कह सकते हैं घर की चार दीवारी में बैठकर जान की बाजी लगाने के नारे लगाना आसान है, लेकिन एक बात जान लीजिये नकारात्मक शक्तियां लड़ने के लिए कोई युद्ध का मैदान नहीं खोजती, जब उसके अस्तित्व पर खतरा मंडराता है तो वो चार दिवारी में बंद चयनित लोगों की नींद में भी प्रवेश करके संघर्ष करने लगती है…

तैयार हो जाओ भौतिक जगत के वासियों, आपकी नींद पर भी हमला हो रहा है, आपको नींद में भी पूरी तरह जागृत रहना है, सतर्क रहना है, उस नकारात्मक शक्ति से पूरी ताकत से लड़ना है, बहुत सो चुके गहरी नींद, बहुत देख चुके सपने घर, परिवार, पैसा, करियर का…

अब समय आया है माँ भारती के लिए सपने देखने का, और वो भी ऐसी परिस्थिति में जब आपकी नींद पर भी हमला हो रहा हो…

लेकिन एक बात हमेशा याद रखिये देश की बागडोर जब संतों और योगियों के हाथ में आ जाए तो समझ लो राष्ट्र आध्यात्मिक उन्नति की ओर अग्रसर है…

एक बार फिर कहूंगी एक संत जो हिमालय पर अज्ञातवास बिताकर आया है, एक योगी जो गोरखनाथ के वंश का अंश है. आप जानते ही क्या हैं इन दोनों के बारे में? आप जानते ही कितना है उन रहस्यमयी शक्तियों के बारे में जो भारतभूमि के कल्याण के लिए उच्च चेतनाओं को तैयार कर रही है.

अभी तो सिर्फ मोदी और योगी मिले हैं तो ऐसी कसमसाहट, ऐसी छटपटाहट! जिस दिन टीम के बाकी सदस्यों की जानकारी मिलेगी, आपके पसीने छूट जाएंगे जनाब!

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