ऐसे ही लोग होते हैं युद्ध काल के गिद्ध

उत्तरप्रदेश में कुछ पेट्रोल पम्प चिप लगाकर पेट्रोल चोरी करते क्या पकड़े गये कि पूरे प्रदेश के पेट्रोल पम्प हड़ताल पर चले गये है. मैं हड़ताल पर गये इन पेट्रोल पम्प बन्धुओं का बहुत शुक्रगुजार हूं कि इन्होंने बहुत सही समय पर और बहुत उचित कारणों से, प्रदेश व्यापी हड़ताल की हैं.

ये सब लोग जो हड़ताल पर गये है वह पूरी तरह से विशुद्ध भारतीय और इसमें से 90% शुद्ध रूप से हिन्दू है. यदि हम प्रोबेबिलिटी का सहारा लें तो इन पेट्रोल पम्प के मालिकान में से यकीनन रूप से, कम से कम 40% ऐसे होंगे, जिन्होंने 2014 में मोदी को और 2017 में बीजेपी को वोट किया होगा.

अब ऊपर दिये गये यह आंकड़े लगभग सत्य के करीब है जो हमें एक कटु सत्य बताता हैं कि हम राष्ट्रवादियों में भी लोग अंतःकरण से चोर है. हमको अपनी राष्ट्रभक्ति पर पूरा मान है लेकिन उसके साथ हमें चोरी की भी छूट चाहिए है.

मुझे इस बात का पूरा विश्वास है कि इनमें वह भी शामिल है जो भारतीय सैनिकों के मारे जाने से व्यथित है और भारतीय सरकार द्वारा पाकिस्तान से युद्ध की घोषणा न करने से आक्रोशित है.

जैसे यह उत्तर प्रदेश के ‘चोरी और सीनाजोरी’ करने वाले पेट्रोल पम्प के लोग है, वैसे ही उतने ही प्रतिशत में, कमोवेश शेष भारत मे भी लोग है और यह आज का शाश्वत सत्य है.

अब जरा ठंडे दिमाग से विचार कीजिये कि क्या इस बड़ी संख्या के भारतीयों की चोर प्रवृत्ति को अनदेखा किये, इन पर भी भरोसा किये, जीत के लिए युद्ध किया जा सकता है?

मैं व्यक्तिगत रूप से इस मामले में आशावादी नही हूँ. मेरा मानना है कि लम्बा चला युद्ध सिर्फ देश की सेना नही जिताती है बल्कि उस देश की जनता का त्याग और संघर्ष उसे जिताता है.

मैं व्यक्तिगत रूप से उन लोगो का विरोधी नही हूँ जो भारतीय सैनिकों की मृत्यु से और भारत की सरकार की पाकिस्तान से युद्धउन्मुखता से दु:खी और आक्रोशित है लेकिन इसके साथ मैं यह भी समझता हूं कि युद्ध प्रारब्ध तो जरूर है लेकिन समय से पहले किए गये युद्ध का प्रारब्ध, जीत नहीं होता है.

हमारी मुश्किल यह है कि हम युद्ध चाहते हैं और यह मान लेते हैं कि हम युद्ध की मानसिकता का वरण कर चुके हैं लेकिन इसके साथ हम इस बात की अनदेखी कर देते हैं कि भारत में, भारतीयों का एक ऐसा बड़ा वर्ग है, जिसमें राष्ट्रवादी भी शामिल हैं, जो युद्ध की विभीषिका और उससे होने वाली जनमानस की कठिनाइयों को नहीं अपनाना चाहता है.

हमें युद्ध की मानसिकता वाला देश ही सिर्फ नहीं बनना है बल्कि हमें युद्ध काल में त्याग करने वाला भारतीय भी बनना है.

उत्तर प्रदेश में चोरी से रोके जाने पर पेट्रोल पम्प के मालिकों की हड़ताल, हमको इन्ही भारतीयों से हम को मिलवाती है जो भारतीय है, हिन्दू है, वे राष्ट्रवादी विचारधारा के भी होंगे लेकिन चोरी के समर्थक है. यही लोग युद्ध काल के गिद्ध होते हैं.

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